Home /News /business /

Income Tax Alert : नजदीक आ रही है ITR भरने की आखिरी तारीख, जुर्माने के साथ रिटर्न दाखिल करने का आखिरी मौका

Income Tax Alert : नजदीक आ रही है ITR भरने की आखिरी तारीख, जुर्माने के साथ रिटर्न दाखिल करने का आखिरी मौका

करदाता अगर देय तिथि यानी 31 मार्च, 2022 तक भी रिटर्न दाखिल नहीं करता है तो इस स्थिति में देनदारी से अधिक टैक्स (Tax) जमा करने और रिटर्न के हकदार होने पर भी उसे रिफंड पर ब्याज नहीं मिलेगा.

करदाता अगर देय तिथि यानी 31 मार्च, 2022 तक भी रिटर्न दाखिल नहीं करता है तो इस स्थिति में देनदारी से अधिक टैक्स (Tax) जमा करने और रिटर्न के हकदार होने पर भी उसे रिफंड पर ब्याज नहीं मिलेगा.

Income Tax Alert : वित्त वर्ष 2020-21 (FY 2020-21) के ल‌िए बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की तारीख नजदीक आ रही है. अगर आप आईटीआर दाखिल नहीं कर पाए हैं तो देय तिथि 31 मार्च, 2022 तक बिलेटेड आईटीआर (Belated ITR) भर सकते हैं. करदाता अगर 31 मार्च, 2022 तक भी आईटीआर दाखिल नहीं करते हैं तो आयकर विभाग टैक्स देनदारी का न्यूनतन 50 फीसदी तक जुर्माना लगा सकता है.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. वित्त वर्ष 2020-21 (FY 2020-21) के ल‌िए बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की तारीख नजदीक आ रही है. हालांकि, इसकी नियत समय-सीमा 31 दिसंबर, 2021 निकल चुकी है. अगर आप आईटीआर दाखिल नहीं कर पाए हैं तो देय तिथि 31 मार्च, 2022 तक बिलेटेड आईटीआर (Belated ITR) भर सकते हैं. किसी वित्त वर्ष के लिए रिटर्न भरने की नियत समय-सीमा खत्‍म होने के बाद करदाताओं (Taxpayer) के पास बिलेटेड आईटीआर भरने का मौका रहता है.

करदाता अगर 31 मार्च, 2022 तक भी आईटीआर दाखिल नहीं करते हैं तो आयकर विभाग टैक्स देनदारी का न्यूनतन 50 फीसदी तक जुर्माना लगा सकता है. टैक्स एवं निवेश सलाहकार बलवंत जैन का कहना है कि ऐसे करदाताओं के लिए समस्या यहीं खत्म नहीं होती. आईटीआर नहीं भरने पर आयकर विभाग उनके खिलाफ मुकदमा चला सकता है. मौजूदा आयकर कानून के तहत न्यूनतम तीन साल की कैद और अधिकतम सात साल की सजा भी हो सकती है. आयकर विभाग मुकदमा तभी शुरू कर सकता है, जब टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा हो.

ये भी पढ़ें- आज से बदल गए आपके पैसों से जुड़े कई जरूरी नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

चूके तो रिफंड पर नहीं मिलेगा ब्याज
बलवंत जैन बताते हैं कि करदाता अगर देय तिथि यानी 31 मार्च, 2022 तक भी रिटर्न दाखिल नहीं करता है तो इस स्थिति में देनदारी से अधिक टैक्स (Tax) जमा करने और रिटर्न के हकदार होने पर भी उसे रिफंड पर ब्याज नहीं मिलेगा. अगर करदाता ने देनदारी से कम टैक्स जमा किया है तो ब्याज का भुगतान करना होगा.

लगेगा 5,000 रुपये का जुर्माना
आयकर अधिनियम की धारा 139 (1) के तहत किसी आकलन वर्ष (Assessment Year) के लिए नियत समय-सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर सेक्शन 234एफ के तहत जुर्माना (Penalty) देना पड़ता है. इस तरह, बिलेटेड आईटीआर 31 मार्च, 2022 तक 5,000 रुपये जुर्माने के साथ भरा जा सकता है. पहले जुर्माना राशि 10,000 रुपये थी, जिसे घटाकर 5,000 रुपये किया गया है. अगर करदाता की कुल इनकम 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है तो उसे 1,000 रुपये ही जुर्माना भरना होगा.

ये भी पढ़ें- LPG Cylinder Price Hike : आज से 105 रुपये बढ़ गए रसाई गैस सिलेंडर के दाम, जानें अब कितने में मिलेगा?

कमाई 2.5 लाख से कम तो आईटीआर भरना जरूरी नहीं
आयकर अधिनियम के सेक्शन 234एफ के तहत अगर किसी व्यक्ति की इनकम कुल बेसिक डिडक्शन (छूट) की सीमा से कम है तो उसे आईटीआर भरते हुए भी कोई जुर्माना नहीं देना होगा. यानी किसी भी डिडक्शन को क्लेम किए बिना भी अगर कुल इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है तो आईटीआर भरते वक्त कोई जुर्माना नहीं देना होगा.

इन मामलों में 2.5 लाख से कम कमाई पर भी रिटर्न भरना जरूरी
कुछ मामलों में कुल इनकम 2.5 लाख रुपये से कम होने पर भी आपको आईटीआर भरना होता है. अगर आपने किसी चालू खाते में एक करोड़ रुपये या उससे अधिक की रकम जमा की है. विदेशी यात्रा पर 2 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च किए हैं. अगर आपने किसी साल में एक लाख रुपये या उससे अधिक के बिजली बिल का भुगतान किया है.

Tags: Filing income tax return, Income tax, ITR, ITR filing

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर