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अप्रैल से सुकन्या और PPF खाते को लेकर होगा बड़ा बदलाव! अब भी नहीं चुकाना होगा इन 9 आय पर टैक्स

News18Hindi
Updated: February 16, 2020, 9:02 AM IST

1 अप्रैल से लागू होने वाले नए टैक्स सिस्टम में 30 ऐसी छूट हैं जो आगे भी जारी रहेंगी. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसमें प्रमुख खेती से होने वाली आमदनी, पीपीएफ (PPF) और सुकन्या खाते (Sukanya Scheme) की ब्याज रकम पर छूट मिलती रहेंगी. संडे स्पेशल स्टोरी में आज हम आपको इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं...

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  • Last Updated: February 16, 2020, 9:02 AM IST
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नई दिल्ली. 1 अप्रैल से 2020 से शुरू होने वाले फाइनेंशियल (Financial Year 2020-2021) में आपको दो टैक्स सिस्टम (Income Tax New Systems)  मिलेंगे. इसमें आपको तय करना होगा कि कौन सा आपके लिए बेहतर हैं. वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि नए टैक्स सिस्टम चुनने वालों को 70 टैक्स एग्जेंप्शन और डिडक्शंस (Income tax deductions and exemptions in india 2020) से हाथ धोना होगा. वहीं, इनमें 80 सी (80C) के तहत निवेश पर मिलने वाली 1.5 रुपये तक छूट, सेक्शन 80डी (80D) के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पेमेंट (Insurance Premium Payments) और  80टीटीए के तहत बचत खाते या पोस्ट ऑफिस खाते (Post Office Account) में जमा पर मिलने वाले ब्याज पर डिडक्शन भी शामिल हैं. लेकिन 30 ऐसी छूट हैं जो आगे भी जारी रहेंगी. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसमें प्रमुख खेती से होने वाली आमदनी, पीपीएफ (PPF) और सुकन्या खाते (Sukanya Scheme) की ब्याज रकम पर छूट मिलती रहेगी...

संडे स्पेशल की इस स्टोरी में आइए जानें अब कौन सी आमदनी पर टैक्स नहीं चुकाना होगा...

सवाल- अगर मैं नए टैक्स सिस्टम को चुनता हूं तो क्या मुझे PPF, EPF से हुई ब्याज आज पर टैक्स छूट मिलेगी.



जवाब- टैक्स एक्सपर्ट, मुकेश पटेल कहते हैं कि नई टैक्स व्यवस्था चुनने पर PPF और EPF में निवेश पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी. हालांकि PPF खाते से होने वाली ब्याज पर छूट मिलती रहेगी.



आपको बता दें कि कर्मचारियों के भविष्य के लिए अहम माने जाने वाले प्रोविडेंट फंड के ब्याज पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा. नए टैक्स स्लैब के मुताबिक पीपीएफ खाते में जमा की गई रकम पर आपको टैक्स में छूट नहीं मिलेगी. हालांकि इस पर मिलने वाले ब्याज और मेच्योरिटी पर मिलने वाली रकम टैक्स के दायरे से बाहर होगी.



 

वहीं, सैलरी के साथ कटने वाले ईपीएफ पर 9.5 फीसदी तक ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. इसके अलावा ईपीएफ और एनपीएस में कंपनी की ओर से जमा रकम भी टैक्स फ्री होगी. लेकिन, सालाना 7.5 लाख रुपये से कम राशि पर ही यह फायदा होगा. वहीं पीपीएफ में पैसा जमा करने पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी. लेकिन मैच्योरिटी की रकम अब भी टैक्स फ्री ही रहेगी.

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सवाल- मैने अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया हैं तो एक अप्रैल से क्या बदलेगा?
जवाब- 
टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि, पुराना टैक्स सिस्टम चुनने वाले को छूट के साथ-साथ पुराने सभी फायदे मिलते रहेंगे. वहीं, नया टैक्स सिस्टम चुनने वालों को सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने वालों को ब्याज पर पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. अगर आसान शब्दों में कहें तो इससे होने वाली कमाई पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा. लेकिन, पहले की तरह सुकन्या खाता पर धारा 80सी के तहत पैसा जमा करने पर 1.50 लाख रुपये तक की छूट अब नहीं मिलेगी.

नई टैक्स व्यवस्था में मिलती रहेंगी ये छूट!
1. किराए पर स्टैंडर्ड डिडक्शन
2. खेती से होने वाली आमदनी
3. पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज
4. बीमा की मैच्योरिटी की रकम
5. मृत्यु पर बीमा से मिली रकम
6. छंटनी पर मिला मुआवजा
7. रिटायरमेंट पर लीव इनकैशमेंट
8. VRS- वॉलेंट्री रिटायरमेंट
9. सुकन्या समृद्धि खाते पर मिली रकम



 

सवाल- पोस्ट ऑफिस में खाता खुलावाने वालों को नए टैक्स सिस्टम से क्या फायदा होगा?
जवाब- टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि इनकम टैक्स ऐक्ट 10(15)(आई) के तहत पोस्ट ऑफिस में बचत खाते में जमा रकम पर मिलने वाले ब्याज पर एक तय सीमा तक छूट मिलेगी. अगर आसान शब्दों में कहें तो व्यक्तिगत खाता के मामले में टैक्स छूट की सीमा 3,500 रुपये है जबकि ज्वाइंट खाते में सात हजार रुपये तक ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.

नए टैक्स सिस्टम के तहत धारा 80टीटीए के तहत कोई व्यक्ति पोस्ट ऑफिस में बचत खाते पर मिलने वाली पुरानी टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकता है लेकिन एक तय सीमा तक उसपर अभी भी छूट ले सकते हैं.

नई टैक्स व्यवस्था में नहीं मिलेंगी ये छूट
1. हाउसिंग लोन का प्रिसिंपल और ब्याज
2. PPF और EPF में निवेश पर
3. डिपॉजिट पर होने वाली ब्याज आय (80TTA)
4. एफडी यानी फिक्सड डिपॉजिट
5. बच्चों की ट्यूशन फीस
6. नौकरी करने वालों का स्टैंडर्ड डिडक्शन (50 हजार रुपये)
7. एलटीए यानी लीव ट्रैवल अलाउंस
8. एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस
9. मेडिकल और इंश्योरेंस के खर्च
10. 80DD (दिव्यांगों के इलाज पर टैक्स छूट)
11. 80U (दिव्यांगों के खर्चें पर टैक्स छूट)
12. 80E (एजुकेशन लोन पर टैक्स छूट)
12. सेक्शन 16-इंटरटेनमेंट अलाउंस
13. 80GG मकान के किराए पर छूट
14. 80G-डोनेशन (दान पर छूट)
15. 80EEB0-इलेक्ट्रिक व्हीकल पर टैक्स छूट
(सोर्स-बजट डॉक्युमेंट (70 एजम्पशन और डिडक्शन खत्म)



सवाल- क्या वीआरएस-ग्रैच्युटी पर छूट का फायदा नए टैक्स सिस्टम में मिलेगा?
जवाब- एक्सपर्ट बताते हैं कि नया टैक्स सिस्टम अपनाने वालों को  वीआरएस और ग्रैच्युटी के फायदे को पहले की तरह टैक्सफ्री रखा गया है. प्राइवेट कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक ग्रैच्युटी करमुक्त है. वहीं, सरकारी कर्मचारियों के लिए इसकी कोई सीमा नहीं है. इसके अलावा वीआरएस लेने वालों को मिलने वाली एकमुश्त रकम पहले की तरह टैक्सफ्री होगी इसकी सीमा 5 लाख रुपये तक है.

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First published: February 16, 2020, 6:15 AM IST
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