म्यूचुअल फंड और बैंक FD में इस लिमिट से ज्यादा न करें कैश डिपॉजिट, वर्ना आ जाएगा इनकम टैक्स का नोटिस

कैश ट्रांजैक्शन और डिजिटल डिपोजिट पर इनकम टैक्स की नजर रहती है

कैश ट्रांजैक्शन और डिजिटल डिपोजिट पर इनकम टैक्स की नजर रहती है

कैश ट्रांजैक्शन और डिजिटल डिपोजिट पर इनकम टैक्स (Income Tax) विभाग की नजर रहती है. म्यूचुअल फंड, स्टॉक मार्केट, बॉन्ड या डिबेंचर में 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश में निवेश करते हैं तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेज सकता है.

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नई दिल्ली. आप शेयर मार्केट (Share market), म्यूचुअल फंड (Mutual fund)डिबेंचर (Debenture) और बॉन्ड में निवेश करते या फिर करने का सोच रहे हैं तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है. आपके द्वारा किया जाने वाले कितने कैश ट्रांजैक्शन और डिजिटल डिपॉजिट पर इनकम टैक्स विभाग की नजर रहती है और यदि आप लिमिट से ज्यादा पैसा लगा रहे हैं या जमा कर रहे हैं तो हो सकता है कि आपको इनकम टैक्स का नोटिस भी मिल सकता है. इनकम टैक्स विभाग कैश ट्रांजैक्शन को लेकर काफी सख्त है. वे लोगों के डिपोजिट और विड्रॉअल पर पैनी नजर रखते हैं. बैंक, म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज हाउस और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार के पास अगर कोई व्यक्ति बड़े कैश ट्रांजैक्शन करता है तो इसकी जानकारी उन्हें इनकम टैक्स विभाग को देनी होती है.


मुंबई के टैक्स और इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन ने आगाह किया कि अगर आप बड़ी मात्रा में कैश लेन-देन करते हैं तो अलर्ट हो जाइए, क्योंकि एक साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स विभाग का बुलावा सकता है.


एफडी के लिए जान लिजिए लिमिट


बलवंत जैन ने कहा कि अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में एक साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा जमा करते हैं, भले ही वो एक बार में जमा किए हों या कई बार में या फिर कैश ट्रांजैक्शन हों या डिजिटल, तो इनकम टैक्स विभाग आपसे इन पैसों के स्रोत के बारे में पूछ सकता है और आपको नोटिस भेज सकता है. 


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म्यूचुअल फंडस्टॉक मार्केट में इसका ध्यान रखें 




वहीं, टैक्स एंड इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट जितेंद्क सोलंकी ने कहा कि म्यूचुअल फंड, स्टॉक मार्केट, बॉन्ड या डिबेंचर में 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश में निवेश करते हैं तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेज सकता है. इतना ही नहीं अगर आप डिजिटली भी 10 लाख रुपये से अधिक निवेश करते हैं तो आपको आयकर नोटिस मिल सकता है. 


यह नोटिस सभी मामलों से ज्यादा गंभीर होते हैं 


स्टॉक मार्केट में बैंक ड्राप्ट के द्वारा कैश डिपोडिट की लिमिट पर बलवंत जैन ने कहा कि अगर आप कैश का इस्तेमाल बैंक ड्राफ्ट वनवाने और उसे Demat Account में डिपोडिट करने में करते हैं तो इसकी जानकारी ब्रोकरेज फर्म और बैंक, दोनों इनकम टैक्स विभाग को देते हैं. इस मामले में भी आपको इनकम टैक्स विभाग नोटिस भेज सकता है और यह नोटिस सभी मामलों से ज्यादा गंभीर होते है. इसलिए शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर और बॉन्ड में निवेश करते समय निवेश की लिमिट का ख्याल रखना बेहद जरूरी है, ताकि आप इनकम टैक्स नोटिस से बच सकें.

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