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एग्रोकेमिकल्स कारोबार से जुड़ी कंपनी UPL के 15 ठिकानों पर इनकम टैक्स छापे, शेयर में भारी गिरावट

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Updated: January 22, 2020, 12:29 PM IST
एग्रोकेमिकल्स कारोबार से जुड़ी कंपनी UPL के 15 ठिकानों पर इनकम टैक्स छापे, शेयर में भारी गिरावट
यूपीएल लिमिटेड (पुराना नाम युनायटेड फॉस्फरस लिमिटेड) के 15 ठिकानों पर इनकम टैक्स के छापों की खबरें आई है.

एग्रोकेमिकल्स कारोबार से जुड़ी बड़ी कंपनी यूपीएल लिमिटेड (पुराना नाम युनायटेड फॉस्फरस लिमिटेड) के 15 ठिकानों पर इनकम टैक्स के छापों की खबरें आई है. इन खबरों के बाद कंपनी के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली.

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  • Last Updated: January 22, 2020, 12:29 PM IST
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नई दिल्ली. एग्रोकेमिकल्स कारोबार से जुड़ी बड़ी कंपनी यूपीएल लिमिटेड (पुराना नाम युनायटेड फॉस्फरस लिमिटेड) के 15 ठिकानों पर इनकम टैक्स के छापों की खबरें आई है. इन खबरों के बाद कंपनी के शेयर (UPL Stock Price) में भारी गिरावट देखने को मिली. बुधवार को दिन के कारोबार में शेयर 580 रुपये के भाव पर खुलने के बाद 554 रुपये के स्तर पर लुढ़क गया था. हालांकि, अब शेयर में कुछ रिकवरी आई है. आपको बता दें कि 1969 में कंपनी का गठन हुआ था. कंपनी ने स्मॉल स्केल इकाई के तौर पर काम शुरु किया था. लेकिन आज यूपीएल (UPL Profiles) दुनिया की सबसे बड़ी जेनेरिक एग्रो कंपनियों में शामिल है. कंपनी एग्रो, स्पेशियालिटी, इंडस्ट्रियल केमिकल बनाने का काम करती है. करीब 120 से ज्यादा देशों में कंपनी का कारोबार है. दुनियाभर में 28 फैक्ट्रियां और 1400 से ज्यादा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो है.

अब क्या करें निवेशक-  एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल का कहना है कि शेयर में गिरावट खबरों के चलते आई है. हालांकि, कंपनी के फंडामेंटल बेहद मज़बूत है. आने वाले दिनों में फिर से तेजी की उम्मीद है.

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भारत में कंपनी के 3 प्रोडक्ट्स ने 100 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. उत्तरी अमेरिका में कपास और सोया की बुआई बढ़ी है. यूरोप में स्टॉक की कमी और चीन में कड़े नियमों से सप्लाई घटेगी.

कंपनी के बैलेसशीट पर 5350 करोड़ रुपये का कर्ज और 2894 करोड़ रुपये की कैश है. ग्लोबल कंसॉलिडेशन के बीच कंपनी अधिग्रहण कर सकती है. एडवांटा के विलय से करीब 100 करोड़ रुपये की बचत होगी. कंपनी के पास फिलहाल 43000 करोड़ रुपये का मार्केट कैप है.

कंपनी में 30.27 फीसदी प्रोमोटर की हिस्सेदारी है. साथ ही एफआईआई का 45.89 फीसदी और म्युचुअल फंड का 10.86 फीसदी हिस्सा है.कंपनी में सितंबर 2016 में प्रोमोटर का हिस्सा 27.76 फीसदी था जो दिसंबर 2016 में बढ़कर 30.27 फीसदी हुआ. वहीं मार्च 2017 तक 30.27 फीसदी ही रहा है.

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First published: January 22, 2020, 12:21 PM IST
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