बड़ी खबर! इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने लांच किया नया ITR फॉर्म, अब टैक्सपेयर्स को मिलेंगे ये फायदे

बड़ी खबर! इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने लांच किया नया ITR फॉर्म, अब टैक्सपेयर्स को मिलेंगे ये फायदे
इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने जारी किया नया ITR फॉर्म, जानिए क्या होगा खास?

इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा कर 30 नवंबर कर दी है, वहीं टैक्स में छूट हासिल करने के लिए इन्वेस्टमेंट की समय सीमा भी बढ़ा दी है. अब आप सरकार की कई योजनाओं में 30 जून तक निवेश कर टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन को देखते हुए सरकार ने इनकम टैक्स को लेकर बड़ी छूट दी है. इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने 29 मई को वित्‍त वर्ष 2019-20 के लिए तमाम आईटीआर फॉर्मों (ITR Form) को अधिसूचित कर दिया था. अब उसने अपनी ई-फाइलिंग वेबसाइट पर आईटीआर-1 यूटिलिटी (ई-फॉर्म) जारी किया है. आईटीआर-1 फॉर्म एक्‍सेल और जावा फॉर्मेट में उपलब्‍ध है. इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा कर 30 नवंबर कर दी है, वहीं टैक्स में छूट हासिल करने के लिए इन्वेस्टमेंट की समय सीमा भी बढ़ा दी है. अब आप सरकार की कई योजनाओं में 30 जून तक निवेश कर टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं.

नए आईटीआर-1 फॉर्म में मिलेंगे ये फायदे
नए आईटीआर-1 फॉर्म में एक बात ध्‍यान देने वाली है. इसमें एक अप्रैल, 2020 से 30 जून 2020 तक किए गए टैक्‍स सेविंग निवेश पर डिडक्‍शन क्‍लेम करने की सुविधा दी गई है. इसके लिए नए आयकर रिटर्न फॉर्म में अनुसूची-डीआई को जोड़ा गया है. बता दें कि सरकार ने वित्‍त वर्ष 2019-20 के लिए टैक्‍स सेविंग की डेडलाइन 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दी है. कोविड-19 संकट के चलते विभिन्न छूटों का लाभ करदाताओं तक पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया है.

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 कौन इस्‍तेमाल कर सकता है आईटीआर-1 का?


इनकम टैक्‍स रिटर्न के कई फॉर्मों में से आईटीआर-1 एक है. आईटीआर फाइल करने के लिए इसका सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल होता है. 2019-20 में जो लोग नीचे बताई शर्तों को पूरा करेंगे, वहीं इसके जरिये रिटर्न फाइल कर सकते हैं:
1. व्‍यक्ति को देश का नागरिक होना चाहिए. अन‍िवासी भारतीय (एनआरआई) अपने टैक्‍स रिटर्न फाइल करने के लिए आईटीआर-1 फॉर्म का इस्‍तेमाल नहीं कर सकते हैं.

2. व्‍यक्ति की आय 50 लाख रुपये से ज्‍यादा नहीं होनी चाहिए.

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3. केवल सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी या पेंशन इत्‍यादि से ब्‍याज जैसे अन्‍य स्रोतों से इनकम वाले ही इसके जरिये रिटर्न फाइल कर सकते हैं.

4. वित्‍त वर्ष में 5,000 रुपये तक की कृषि इनकम वालों के लिए भी यही फॉर्म है.

हालांकि, अगर कोई किसी कंपनी में डायरेक्‍टर है या उसका गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवश है या एक से ज्‍यादा हाउस प्रॉपर्टी हैं तो आईटीआर-1 के जरिये रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकता है.

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First published: June 2, 2020, 6:30 PM IST
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