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आम लोगों को मिल सकती है ये टैक्स छूट! टैक्स नियमों को आसान करने की तैयारी शुरू

आम लोगों को मिल सकती है ये टैक्स छूट! टैक्स नियमों को आसान करने की तैयारी शुरू

छोटे टैक्स पेयर्स को टैक्स की पेचिदगियों से राहत देने की तैयारियां शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि छोटे और बड़े निवेशकों को डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स से छूट दी जा सकती है. सीएनबीसी आवाज़ के सूत्रों की मानें तो डायरेक्ट टैक्स पर बनी कमिटी कुछ ऐसी ही सिफारिशें कर सकती है.

छोटे टैक्स पेयर्स को टैक्स की पेचिदगियों से राहत देने की तैयारियां शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि छोटे और बड़े निवेशकों को डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स से छूट दी जा सकती है. सीएनबीसी आवाज़ के सूत्रों की मानें तो डायरेक्ट टैक्स पर बनी कमिटी कुछ ऐसी ही सिफारिशें कर सकती है.

छोटे टैक्स पेयर्स को टैक्स की पेचिदगियों से राहत देने की तैयारियां शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि छोटे और बड़े निवेशकों को डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स से छूट दी जा सकती है. सीएनबीसी आवाज़ के सूत्रों की मानें तो डायरेक्ट टैक्स पर बनी कमिटी कुछ ऐसी ही सिफारिशें कर सकती है.

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    छोटे टैक्स पेयर्स को टैक्स की पेचिदगियों से राहत देने की तैयारियां शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि छोटे और बड़े निवेशकों को डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स से छूट दी जा सकती है. सीएनबीसी आवाज़ के सूत्रों की मानें तो डायरेक्ट टैक्स पर बनी कमिटी कुछ ऐसी ही सिफारिशें कर सकती है. सूत्रों का कहना है कि किस्तों में टैक्स की दर में कमी की सिफारिश मुमकिन है. लिहाजा छोटे निवेशकों के लिए टैक्स के नियम आसान करने पर जोर दिया जा सकता है. (ये भी पढ़ें-आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि तक सवा पांच करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल)

    सूत्रों के मुताबिक कमिटी के कई सदस्य डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स को हटाने के पक्ष में हैं, ऐसे में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स की जगह विदहोल्डिंग टैक्स की सिफारिश की जा सकती है. हालांकि, कमिटी ने अभी तक रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को नहीं दी है.

    क्या होता है डिविडेंड- डिक्शनरी में डिविडेंड की परिभाषा दी गई है कि 'कंपनी अपने प्रॉफिट में से शेयरहोल्डर्स को नियमित रूप से (प्राय: सालाना तौर पर) जो रकम देती है, उसे डिविडेंड कहा जाता है. इनवेस्टोपीडिया कहता है, कंपनी के मुनाफे के एक हिस्से का डिस्ट्रीब्यूशन डिविडेंड कहलाता है. ये और दूसरी परिभाषाएं एक ही बात कहती हैं कि जब कंपनी मुनाफा हासिल करती है तो उसका कुछ हिस्सा कारोबार में लगाती है और बाकी को शेयरधारकों के बीच बांट देती है. जाहिर है कि यह मामला कंपनी की पसंद पर निर्भर है. वहीं तय करेगी कि कितना डिविडेंड देना है. कई कंपनियां विभिन्न कारणों से बहुत कम डिविडेंड देती हैं या नहीं देती हैं. (ये भी पढ़ें-सावधान! इनकम टैक्स के फ्रॉड SMS से लग सकता है लाखों का चूना, ऐसे रहें सेफ़)

    सवालः म्युचूअल पर क्या डिविडेंड टैक्स लगता है. अगर लगता है तो तो कितना देना होगा?

    जवाब: एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कंपनियों से 10 लाख रुपये से अधिक के डिविडेंड पर सेक्शन 115 BBDA के तहत 10 पर्सेंट का टैक्स लगता है. यह प्रावधान कंपनियों की ओर से दिए जाने वाले डिविडेंड पर लागू है और म्यूचुअल फंड की ओर से इनकम के डिस्ट्रीब्यूशन पर लागू नहीं होता. आपको म्यूचुअल फंड से इनकम के डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए 10 लाख रुपये से अधिक की इनकम मिली है और इस वजह से आपको सेक्शन 115 BBDA के तहत कोई टैक्स नहीं देना होगा.

    Tags: Income tax, Income tax changes, Income tax department, Income tax law, Income tax returns

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