इनकम टैक्‍स अधिकारियों ने Zee Group और L&T के दफ्तरों पर की छापेमारी, जानें क्‍यों हुई कार्रवाई

सांकेतिक तस्वीर

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डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (Directorate General of GST Intelligence) ने कथित तौर पर वस्‍तु व सेवा कर चोरी (GST Evasion) का डाटा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT Department) के साथ साझा किया था. इसी आधार पर ज़ी समूह (Zee Group) और एलएंडटी (L&T) के दफ्तरों पर छापेमारी (surveys) की कार्रवाई की गई है.

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नई दिल्ली. इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने मीडिया कंपनी जी ग्रुप (Zee Group) और इंजीनियरिंग क्षेत्र की दिग्‍गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के दफ्तरों पर छापेमारी की कार्रवाई की. एक आयकर अधिकारी के मुताबिक, दोनों कंपनियों के खिलाफ कथित तौर पर वस्‍तु व सेवा कर चोरी (GST Evasion) की जानकारी मिली थी. ज़ी समूह ने उनके दफ्तरों पर आयकर विभाग की रेड की पुष्टि की है. आयकर अधिकारी ने बताया कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (Directorate General of GST Intelligence) ने कथित तौर पर टैक्स चोरी का डाटा इनकम टैक्स विभाग के साथ साझा किया था. इसी आधार पर छापेमारी की कार्रवाई की गई है.

ज़ी समूह ने की पुष्टि, कंपनी के अधिकारी कर रहे सहयोग

ज़ी समूह के प्रवक्ता ने कहा कि टैक्स विभाग के अधिकारी कुछ सवालों के साथ हमारे दफ्तर पहुंचे थे. हमारे अधिकारी उन्हें संबंधित जानकारी दे रहे हैं और उनके साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं. हालांकि, प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि छापेमारी की कार्रवाई मुंबई के अलावा समूह के कौन-कौन से दफ्तरों में चल रही है. इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी ने बताया कि मुंबई और दिल्ली में समूह के दफ्तरों में छापेमारी की गई है. बता दें कि समूह के फाउंडर सुभाष चंद्रा राज्यसभा सदस्य हैं. समूह एक साल से नकदी संकट (Cash Crunch) से जूझ रहा है. समूह कर्ज लौटाने के लिए अपने कुछ कारोबार बेच भी रहा है.

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कंपनियों के इनपुट टैक्‍स क्रेडिट का किया जा रहा मिलान

एलएंडटी ने इस बारे में पूछे जाने पर ना तो इनकार किया और ना ही इसकी पुष्टि की है. हालांकि, आयकर अधिकारी ने बताया कि एलएंडटी के कई दफ्तरों पर छोपमारी की जा रही है. आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, सर्वे में ये जांच की जा रही है कि दोनों कंपनियों ने जीएसटी चोरी की है या नहीं. ये टैक्‍स सर्वे फॉलो-अप कार्रवाई है. इसमें कंपनी पर सीमित कार्रवाई की जा रही है. ये सर्वे आयकर कानून की धारा-133ए के तहत किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, ये सामान्‍य प्रक्रिया है. इसमें ये संदिग्‍ध टैक्‍स रिपोर्टिंग की जांच की जाती है. इसमें कंपनियों के इनपुट टैक्स क्रेडिट का मिलान किया जा रहा है.
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