इनकम टैक्‍स रिफंड के लिए दे सकते हैं एक से ज्‍यादा बैंक अकाउंट, क्‍लेम करने के लिए न भूलें ये जरूरी बातें

सही समय पर इनकम टैक्‍स रिफंड पाने के लिए अपने बैंक अकाउंट को प्री-वैलिडेट कर लें.
सही समय पर इनकम टैक्‍स रिफंड पाने के लिए अपने बैंक अकाउंट को प्री-वैलिडेट कर लें.

आईटीआर (ITR) दाखिल करने के बाद अगर कोई रिफंड (Income Tax Refund) बनता है तो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट का सेंट्रलाइज्‍ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) उसे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर देता है. इसके लिए उस बैंक अकाउंट (Bank Account) का प्री-वैलिडेट (Pre-Validate) होना जरूरी है, जिसमें आप रिफंड ट्रांसफर कराना चाहते हैं.

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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए लॉकडाउन के कारण इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तारीख बढ़ा दी है. हालांकि, काफी लोग ऐसे भी हैं जो अपना आईटीआर भर चुके हैं और इनकम टैक्‍स रिफंड (Income Tax Refund) का इंतजार कर रहे हैं. अगर आप भी ऐसे ही करदाताओं (Taxpayers) में हैं तो चेक कर लें कि आपने अपना बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट (Pre-Validate) कराया है या नहीं. बता दें कि आईटीआर दाखिल करने के बाद अगर कोई रिफंड बनता है तो वह इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट का सेंट्रलाइज्‍ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) उसे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर देता है. हालांकि, इसके लिए उस बैंक अकाउंट (Bank Account) का प्री-वैलिडेट होना जरूरी है, जिसमें आप रिफंड ट्रांसफर कराना चाहते हैं.

आयकर विभाग किसी एक बैंक अकाउंट में भेजेगा रिफंड
इनकम टैक्‍स रिफंड के लिए अगर आप चाहें तो अब एक से ज्‍यादा बैंक अकाउंट भी दर्ज करा सकते हैं. आयकर विभाग किसी भी एक प्री-वैलिडेट बैंक अकाउंट में रिफंड की राशि ट्रांसफर कर देगा. इस सुविधा के बाद भी माना जाता है कि रिफंड के लिए एक ही बैंक अकाउंट देना बेहतर रहता है. इससे आप आसानी से पता करते रह सकते हैं कि आपके खाते में कितना रिफंड ट्रांसफर किया गया है. बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट करने के लिए www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर अपना अकाउंट लॉगइन करें. बता दें कि अकाउंट लॉगइन करने के लिए आपकी यूजर आईडी आपका PAN नंबर होगा.

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दूसरा बैंक अकाउंट जोड़ने के लिए Add पर क्लिक करें


लॉगइन करने के बाद प्रोफाइल सेटिंग्स टैब पर जाकर Pre-validate your bank account ऑप्शन पर क्लिक करें. अगर पहले से आपका कोई बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड होगा तो वो स्क्रीन पर दिखने लगेगा. अब अगर आप किसी अन्य खाते में रिफंड ट्रांसफर कराना चाहते हैं तो Add पर क्लिक करें. इसके बाद एक नया पेज खुलेगा, जिसमें आपको बैंक अकाउंट नंबर, अकाउंट टाइप, IFSC, बैंक का नाम, ब्रांच, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भरने होंगे. बता दें कि बैंक में दिया गया मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी ही यहां भी भरें. इसके बाद Pre-Validate पर क्लिक करें. क्लिक करते ही स्‍क्रीन पर आएगा 'प्री-वैलिडेटिंग बैंक अकाउंट रिक्वेस्ट सबमिट हो गई है.' आपको इसका मेसेज ई-मेल और एसएमएस के जरिये मिल जाएगा.

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>> इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर Profile Settings ऑप्शन पर क्लिक करके भी बैंक अकाउंट के प्री-वैलिडेट स्टेटस की जांच कर सकते हैं.

>> ई-फाइलिंग अकाउंट से किसी बैंक अकाउंट को हटाना चाहते हैं तो Profile Settings पर जाकर Remove ऑप्शन पर क्लिक करें.

>> प्री-वैलिडेशन के अलावा जरूरी है कि आपका बैंक अकाउंट PAN से लिंक हो. अगर ऐसा नहीं है तो रिफंड आपके खाते में नहीं आएगा.

>> पैन पर दिया नाम बैंक अकाउंट से मिलना चाहिए. अगर ऐसा होता है, तो बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट हो जाएगा.

>> बैंक अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्टर्ड नंबर से मिलते हैं, तो ऐसे अकाउंट को EVC जेनेरेट करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे रिटर्न वेरिफाई किया जा सकता है.

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