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डेडलाइन से पहले नहीं भर पाए इनकम टैक्स रिटर्न? अभी भी है आपके पास मौका

डेडलाइन के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के भी प्रावधान हैं.
डेडलाइन के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के भी प्रावधान हैं.

Income Tax Return Filing: असेसमेंट ईयर 2020-21 (AY 2020-21) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन 10 जनवरी को बीत चुकी है. इसके बाद भी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया जा सकता है. लेकिन, इसके लिए इनकम टैक्स के नियमों के तहत पेनाल्टी भी देनी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 11:46 AM IST
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नई दिल्ली. इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन आगे बढ़ाए जाने के बावजूद कई लोग नहीं भर पाए हैं. असेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 10 जनवरी 2021 थी. आमतौर पर यह तारीख 31 जुलाई होती है. लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस सरकार ने आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया था. सबसे पहले इसे 30 नवंबर 2020, फिर 31 दिसंबर 2020 कर दिया गया था. इसके बाद एक बार फिर सरकार को 10 जनवरी 2021 तक के लिए डेडलाइन बढ़ानी पड़ी थी.

पेनाल्टी के साथ ब्याज भी देना होगा
हालांकि, अगर आपने भी अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो अभी भी आपके पास मौका है. इसके लिए आपको पेनाल्टी जमा करनी होगी. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 139 के तहत इनकम टैक्स रिटर्न नहीं जमा करने पर 5,000 रुपये की पेनाल्टी देनी होती है. यह पेनाल्टी तब लागू होती है, जब इनकम टैक्स रिटर्न डेडलाइन के बाद और 31 दिसंबर से पहले भरा जाए. इसके बाद यह पेनाल्टी बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी जाती है. इसके अलावा, लेट आईटीआर फाइल करने पर ब्याज भी देना होता है.

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​क्या होता हे बिलेटेड रिटर्न?


आईटीआर फाइल करने की तारीख के बाद जब कोई टैक्सपेयर अपना रिटर्न फाइल करता है तो उसे बिलेटेड रिटर्न कहते हैं. यह इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत आता है. इस सेक्शन के तहत कोई भी टैक्सपेयर अपने पिछले रिटर्न को फाइल कर सकता है. इसी के तहत ​असेसमेंट ईयर 2019-20 के तहत 31 मार्च 2021 तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है.

बिलेटेड रिटर्न पर क्या है पेनाल्टी की व्यवस्था?
बिलेटेड रिटर्न पर सेक्शन 234F के तहत पेनाल्टी लगती है. इस सेक्शन के तहत डेडलाइन के बाद और 31 दिसंबर से पहले आईटीआर फाइल करने पर 5,000 रुपये की पेनाल्टी लगती है. इसके बाद यह रकम बढ़कर 10,000 रुपये हो जाती है. हालांकि, यह भी ध्यान देना है कि अगर टैक्सपेयर का कुल इनकम 5,00,000 रुपये से ज्यादा नहीं होता है तो लेट आईटीआर फाइल करने की फीस 1,000 रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती है.

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समय पर आईटीआर नहीं फाइल करने के कई नुकसान
अगर किसी व्यक्ति पर टैक्स देयता बनती है और वो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करता है कि इसका खामियाज़ा उन्हें लेट फीस, ब्याज कुछ डिडक्शन में छूट न मिलना आदि के रूप में उठाना पड़ सकता है. आसान शब्दों में कहें तो अगर 60 साल से कम उम्र के व्यक्ति की सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये, 60-80 साल उम्र के व्यक्ति की 3 लाख और 80 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति की सालाना इनकम 5 लाख रुपये है तो उन्हें अनिवार्य रूप से आईटीआर भरने की जरूरत नहीं है.
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