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इनकम टैक्स के इस नियम को बदलने की तैयारी! आम आदमी पर होगा सीधा असर

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Updated: November 13, 2019, 3:29 PM IST
इनकम टैक्स के इस नियम को बदलने की तैयारी! आम आदमी पर होगा सीधा असर
सरकार, डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT-Dividend Distribution Tax) में बदलाव कर सकती है.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इनकम टैक्स (Income Tax Changes Soon) में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार, डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT-Dividend Distribution Tax) में बदलाव कर सकती है.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 3:29 PM IST
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मुंबई. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़ा एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार, डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT-Dividend Distribution Tax) में बदलाव कर सकती है. इसको लेकर विचार जारी है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग, की खबर में बताया गया है कि कंपनी के बदले डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को शेयरधारकों (Stockholders) के चुकाने का नया नियम आ सकता है. इस मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि इस फैसले से विदेशी निवेश बढ़ सकता है. इसीलिए सरकार इसकी कोशिश में लगी हुई है.  माना जा रहा है कि डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स की वजह से 60 हजार करोड़ रुपये हर साल सरकारी खजाने में आते हैं. सरकार की नई योजना से इस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

अब क्या होगा-  1 फरवरी 2020 को पेश होने वाले बजट में सरकार इस प्रस्ताव को ला सकती है. मौजूदा समय में यह टैक्स कंपनियों को चुकाना होता है. लेकिन अब इसे शेयरधारकों को चुकाना पड़ सकता है.



डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स यानी DDT क्या होता है- अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने से पहले भारतीय कंपनियों को 15 फीसदी डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (डीडीटी) देना पड़ता है.

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 (I) कंपनियों पर भारत सरकार यह टैक्स लगाती है. किसी वित्त वर्ष में घरेलू कंपनी से मिले 10 लाख रुपये तक के डिविडेंड पर टैक्स से छूट मिलती है. यानी निवेशक को इस पर टैक्स नहीं देना पड़ता है.

 (II) किसी विदेशी कंपनी को अपने शेयरधारकों को दिए गए डिविडेंड पर डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स का भुगतान करने से छूट दी जाती है. वहीं, विदेशी कंपनी से प्राप्त डिविडेंड निवेशकों के लिए टैक्सेबल होता है. इसे 'अन्य स्रोतों से आय' के तहत लिया जाता है. इस पर लागू दरों के अनुसार टैक्स वसूला जाता है.
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(III) म्यूचुअल फंडों से मिला डिविडेंड निवेशकों के लिए टैक्स फ्री है. लेकिन, उन्हें डेट फंडों के लिए 25 फीसदी की दर से डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (29.12 फीसदी सरचार्ज और सेस के साथ) देना पड़ता है. इक्विटी फंडों के लिए यह 10 फीसदी (11.64 फीसदी सरचार्ज और सेस सहित) है.

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First published: November 13, 2019, 3:13 PM IST
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