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घर पर रखें सोने और शादी में मिली ज्वेलरी से जुड़े जरूरी नियम, ज़िंदगी भर रहेंगे टेंशन फ्री

News18Hindi
Updated: January 4, 2020, 9:22 AM IST

भारत में अक्सर लोग सोने की गहनों से जुड़े टैक्स नियमों के बारे में नहीं जानते हैं. ऐसी ही कुछ सवालों को टैक्स एक्सपर्ट से पूछा है और उनके जवाब दिए है.

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  • Last Updated: January 4, 2020, 9:22 AM IST
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नई दिल्ली. नए साल में सोने की तेजी ने आम आदमी की चिंताएं बढ़ा दी है. सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें 40 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के पार पहुंच गई है. इससे शादी के लिए सोने के गहनों की खरीदारी करने वालों की चिंताएं बढ़ गई है. हालांकि, सोने की शॉपिंग करते वक्त ज्यादातर लोग सोने से जुड़े टैक्स नियमों के बारे में नहीं जानते हैं. यह भूल कई बार आम आदमी के लिए भारी पड़ जाती है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) से कई बार नोटिस आ जाता है तो कई बार पेनाल्टी का सामना करना पड़ता है.

आइए जानते हैं सोने से जुड़े इनकम टैक्स के नियमों के बारे में...

सवाल- अगर मुझे शादी में सोने की ज्वेलरी मिली है तो उससे जुड़े टैक्स नियम क्या हैं?
जवाब- टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि दुल्हन को शादी में मिली ज्वेलरी पर टैक्स नहीं लगता है.  सास-ससुर, माता-पिता से मिले गोल्ड पर टैक्स नहीं देना होता है.  सास की ज्वेलरी विरासत में मिली है तो उस पर भी टैक्स नहीं देना होता है.  गिफ्ट डीड या वसीयत में मिले गहने टैक्स के दायरे में नहीं है.

सवाल- क्या घर पर सोना रखने के लिए कोई नियम है?
जवाब- टैक्स एक्सपर्ट प्रीति कहती हैं कि घर में सोना-चांदी (Gold-Silver) के गहने रखने की कोई लिमिट नहीं है. लेकिन घर पर रखे गहने के लिए इनकम का सोर्स बताना जरूरी होता है. नोटबंदी (Note Ban) के बाद घर पर रखे सोने का सोर्स बताना जरूरी हो गया है. 1 दिसंबर, 2016 के बाद CBDT ने ये नियम तय किए हैं.

लेकिन सोने खरीदने पर पक्का बिल यानी इन्वॉयस होना जरूरी. इनकम टैक्स विभाग की ओर से पूछताछ पर इन्वॉयस काम आएगा. सालाना 50 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर घर में रखे सोने की कीमत की जानकारी रिटर्न में देनी होगी. रिटर्न में एसेट्स और लायबिलिटी के विकल्प पर सोने की कीमत भरें.इकनम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक सर्कुलर में कहा था अगर किसी के घर पर छानबीन होती है और सोना पाया जाता है तो उसके कुछ लिमिट्स हैं.

शादीशुदा महिलाओं को 500 ग्राम सोने रखने की छूट है. 250 ग्राम अविवाहित महिला के लिए और 100 ग्राम तक पुरुषों को सोना रखने की छूट है.

सवाल- क्या सोना बेचते वक्त कोई टैक्स लगेगा?
जवाब-  टैक्स एक्सपर्ट प्रीति कहती हैं कि सोने की बिक्री पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है. 3 साल से पहले सोना बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा. अगर 3 साल के बाद बेचते हैं लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा. इस पर 20 फीसदी टैक्स की देनदारी बनेगी.

सवाल-क्या इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त सोने की ज्वेलरी की जानकारी देनी होगी?
जवाब- अगर आपकी टैक्सेबल इनकम 50 लाख से ज्यादा है तो आपको अपनी ज्वेलरी की डिटेल ITR में देनी पड़ेगी.अपनी ज्वेलरी की जानकारी हमेशा अपने पास रखें. गहनों की रसीद हमेशा संभालकर रखें.
IT द्वारा मांगे जाने पर ज्वेलरी के जुड़े सारे कागजात दें.

सवाल-क्या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट मेरे गहनों को जब्त कर सकता हैं?
जवाब-
जी हांइनकम टैक्स विभाग ज्वेलरी को जब्त कर सकता है. ज्वेलरी का सोर्स नहीं बताने पर IT विभाग जब्त कर सकता है. घर पर रखे गहनों का सोर्स नहीं बताने पर टैक्स भी लगेगा. IT विभाग गहने जब्त करने के साथ 138% का टैक्स भी लगाएगा.

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गोल्ड पर टैक्स का गणित

>> शादी में मिले सोने पर कोई टैक्स नहीं लगता.
>> गोल्ड चाहे रिश्तेदारों से मिला हो या दोस्तों से टैक्सेबल नहीं.
>> शादी में मिले गोल्ड को बेचने पर टैक्स के नियम है.
>> शादी में मिले गोल्ड के बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा.
>> गोल्ड तीन साल से पहले बेचा तो शार्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स.
>> तीन साल के बाद बेचा तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा.
>> पुराने गहने को देकर नयी ज्वेलरी उसी गोल्ड से बनवाई तो टैक्स नहीं.
>> पुरानी ज्वेलरी के बदले नई ज्वेलरी पर टैक्स देना पड़ेगा.

 

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First published: January 4, 2020, 6:09 AM IST
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