इनकम टैक्स नोटिस से न हों खौफजदा, ऑनलाइन अपना सकते हैं ये तरीके  

पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान 36 लाख से अधिक लोगों और कंपनियों ने 10 लाख से अधिक रुपए एक या एक से अधिक बैंक खातों में जमा किए हैं.

पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान 36 लाख से अधिक लोगों और कंपनियों ने 10 लाख से अधिक रुपए एक या एक से अधिक बैंक खातों में जमा किए हैं.

पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान 36 लाख से अधिक लोगों और कंपनियों ने 10 लाख से अधिक रुपए एक या एक से अधिक बैंक खातों में जमा किए हैं.

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इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने की प्रक्रिया पूरे शबाब पर है. पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान 36 लाख से अधिक लोगों और कंपनियों ने 10 लाख से अधिक रुपए एक या एक से अधिक बैंक खातों में जमा किए हैं. इनके अलावा भी लाखों लोगों और फर्म्‍स ने कई लाख रुपए नकद में जमा किए हैं. खासकर नोटबंदी की घोषणा के बाद इस संख्‍या में जोरदार तेजी आई.



अब टैक्‍स डिपार्टमेंट की तिरछी नजर इन पर है. इस वर्ष के इनकम टैक्‍स रिटर्न में नकद जमा की गई इस रकम को बताने के लिए लोगाेें पर एसएमएस, मेल और नोटिस के जरिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्‍या में लोग खौफजदा हैं. हम यहां इस खौफ को दूर कर उन्‍हें उचित उपाय की सलाह दे रहे हैं-



अनगिनत नोटिस भेजता है टैक्‍स विभाग

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर नोटिस मिला है तो बेवजह परेशान होने की जरूरत नहीं है। आईटी विभाग की तरह से अनगिनत नोटिस भेजे जाते हैं. नोटिस भेजने का यह सिलसिला  30 सितंबर तक जारी रहेगा। पिछले साल विभाग ने अप्रैल से सितंबर के बीच हजारों नोटिस भेजे गए थे. टैक्स नोटिस सामान्‍य तौर पर अप्रैल से सितंबर के बीच ही भेजे जाते हैं.
सभी की नहीं होती है जांच



केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) हर साल जांच-पड़ताल के नियम-कायदे जारी करता है। अनिवार्य स्क्रूटनी केवल उन्हीं की होती है, जो पहले से जांच के घेरे में होते हैं। पहले के मुकाबले अब जांच में काफी पारदर्शिता आ गई है। पहले लोगों को लगता था कि नोटिस मिला है तो हर चीज की जांच होगी, लेकिन ऐसा नहीं है. नोटिस बड़ी संख्‍या में लोगों को भेजा जाता है, लेकिन जांच कम ही लोगों की होती है.



नोटिस आने पर ये करें

नोटिस मिलने पर उसमें जवाब का विकल्‍प होता है. टैक्सपेयर के पास विभाग के ऑफिस जाकर सवालों के जवाब नहीं देकर 'माई अकाउंट' पर जवाब देने का विकल्‍प होता है. यह वही अकाउंट है, जो टैक्स रिटर्न फाइल करते समय बनाया जाता है. जवाब फाइल करते समय डाक्यूमेंट्स अटैच करना चाहिए, ताकि आपको आईटी अधिकारी से मिलने की जरूरत नहीं हो. गलत रिटर्न फाइल करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन अगर नोटिस मिलता है और आप सफाई दे देते हैं तो हो संभव है कि कोई कार्रवाई न हो.
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