इनकम टैक्स में मिल सकती है बड़ी राहत, सरकार के आर्थिक सर्वे से मिले संकेत

इनकम टैक्स में मिल सकती है बड़ी राहत, सरकार के आर्थिक सर्वे से मिले संकेत
1 फरवरी 2020 को पेश होने वाले आम बजट में इनकम टैक्स से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 (Economic Survey 2020) पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण (Economy Survey 2019-20) में उम्‍मीद जताई गई है कि सरकार बजट 2020 में व्‍यक्तिगत करदाताओं को आयकर (Income Tax) में राहत की घोषणा कर सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 1, 2020, 11:50 AM IST
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नई दिल्ली. इस बार के बजट में इनकम टैक्स (Income Tax Slab Changes) में राहत मिलने की पूरी उम्मीद है. इसके संकेत शुक्रवार को पेश हुए आर्थिक सर्वे से मिले हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 (Economic Survey 2020) पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण (Economy Survey 2019-20) में उम्‍मीद जताई गई है कि सरकार बजट 2020 में व्‍यक्तिगत करदाताओं को आयकर (Income Tax) में राहत की घोषणा कर सकती है. साथ ही इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर सेक्‍टर में निवेश बढ़ाने वाली घोषणाएं कर सकती है.

आपको बता दें कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के बाद पर्सनल इनकम टैक्स में छूट की मांग तेज होती रही है. इकोनॉमी में डिमांड और कंजप्शन बढ़ाने के लिए पर्सनल इनकम टैक्स में छूट बेहद जरूरी मानी जा रही है. एक्सपर्ट्स की राय है कि आम टैक्सपेयर्स को छूट देकर इकोनॉमी में डिमांड बढ़ाई जा सकती है. पिछले कई वर्षों से इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत छूट की सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही है.

इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव उम्मीद



>> आम बजट को लेकर इस बार मध्यम वर्ग और वेतनभोगी कर्मचारियों की सबसे ज्यादा उम्मीद इनकम टैक्स स्लैब में कटौती को लेकर ही है.
>> मौजूदा टैक्स स्लैब में 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता, जबकि ढाई लाख से 5 लाख तक पर 5 फीसदी टैक्स देना होता है.



 

>> इसके बाद 5 से 10 लाख तक पर 20 फीसदी टैक्स लगता है और उससे ऊपर की आमदनी पर यह 30 फीसदी है.

>> वित्तीय सलाहकार की मानें तो  5 लाख तक जीरो टैक्स होना चाहिए. इसके बाद 5 से 10 लाख तक की कमाई पर 20 की बजाय 10 फीसदी, 10 लाख से 20 लाख तक की कमाई पर 20 फीसदी और 20 से ऊपर की इनकम पर 30 फीसदी टैक्स होना चाहिए.

6 साल से नहीं बढ़ी 80C के तहत टैक्स छूट
नौकरी करने वाले के लिए इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली छूट ही टैक्स राहत का सबसे बड़ा जरिया है. लेकिन पिछले छह साल से इस छूट की अधिकतम सीमा में कोई बदलाव नहीं आया है.

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मौजूदा समय में यह 1.5 लाख रुपये ही है. लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीएफ में कंट्रीब्यूशन, बच्चों की ट्यूशन फीस, हाउसिंग लोन के मूलधन का भुगतान और पीपीएफ में कंट्रीब्यूशन, ये सभी 80C के तहत डिडक्शन के दायरे में आ जाते हैं. इतनी सारी चीजों को इसमें समेट लेने की वजह से छूट की डेढ़ लाख रुपये की सीमा बहुत जल्द पार होने लगती है.



NPS में भी मिल सकती हैं राहत

आम बजट 2020 से NPS यानी नेशनल पेंशन स्कीम में भी कंट्रीब्यूशन सीमा बढ़ाए जाने की उम्मीद लगाई जा रही है. इस वक्त 50 हजार रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है. इसे अब एक लाख रुपये करने की मांग हो रही.

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है और कॉस्ट ऑफ लिविंग में इजाफा हो रहा है, उसमें रिटायरमेंट के बाद लोगों के पास बड़ा फंड होना चाहिए. इससे रिटायरमेंट फंड में सेविंग को बढ़ावा मिलेगा. नेशनल पेंशन स्कीम में ज्यादा फंड आना भी सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास योजना के लिए काफी मददगार साबित होगा.

अगर इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड में दोबारा निवेश को टैक्स फ्री करना है तो अलग सेक्शन के तहत इसे न डाल कर 80C में भी डाला जा सकता है. इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और फंड की कमी का सामना कर रही सरकार को सहूलियत हासिल होगी. अगर इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ता है तो रोजगार भी बढ़ेगा.

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