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पीयूष गोयल बोले- बढ़ते FDI से भारत के प्रति इन्वेस्टर्स के भरोसे का पता चलता है

पीयूष गोयल
पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शनिवार को कहा कि एफडीआई (FDI) में हो रही वृद्धि से भारत में अनुकूल होते माहौल के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी का पता चलता है.

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नई दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शनिवार को कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment) में हो रही वृद्धि से भारत में अनुकूल होते माहौल के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी का पता चलता है. दरअसल, चालू वित्त वर्ष में जुलाई से सितंबर महीने के दौरान भारत में 28.1 अरब डॉलर का एफडीआई (FDI) आया है. साल भर पहले की समान अवधि में यह निवेश 14.06 अरब डॉलर रहा था.

गोयल ने एक ट्वीट किया, ''कोरोना वायरस महामारी के बाद भी सालाना आधार पर एफडीआई दोगुना हुआ है. इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में अनुकूल होते माहौल के प्रति वैश्विक निवेशकों के भरोसे का पता चलता है. एफडीआई जुलाई-सितंबर तिमाही में साल भर पहले के 14.06 अरब डॉलर से बढ़कर 28.1 अरब डॉलर हो गया है.''


पहली छमाही में FDI में 15 फीसदी उछाल
गौरतलब है कि भारत में एफडीआई चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान 15 फीसदी बढ़कर 30 अरब डॉलर हो गया. आधिकारिक आंकड़ों में यह पता चला. डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-सितंबर 2019-20 के दौरान एफडीआई 26 अरब डॉलर रहा था. इस साल जुलाई में देश में 17.5 अरब डॉलर का एफडीआई आया था.



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इन क्षेत्रों ने आकर्षित किया FDI
अप्रैल-सितंबर 2020-21 के दौरान जिन क्षेत्रों ने अधिक एफडीआई आकर्षित किया, उनमें कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर (17.55 अरब डॉलर), सेवाएं (2.25 अरब डॉलर), ट्रेडिंग (94.9 करोड़ डॉलर), रसायन (43.7 करोड़ डॉलर) तथा ऑटोमोबाइल (41.7 करोड़ डॉलर) शामिल हैं.

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FDI का सबसे बड़ा स्रोत बना सिंगापुर
इस दौरान सिंगापुर 8.3 अरब डॉलर के निवेश के साथ भारत में एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा. इसके बाद अमेरिका (7.12 अरब डॉलर), केमैन आइलैंड्स (2.1 अरब डॉलर), मॉरीशस (दो अरब डॉलर), नीदरलैंड (1.5 अरब डॉलर), ब्रिटेन (1.35 अरब डॉलर), फ्रांस (1.13 अरब डॉलर) और जापान (65.3 करोड़ डॉलर) का स्थान रहा. डीपीआईआईटी ने कहा कि विदेशी कंपनियों की आय के पुनर्निवेश को जोड़कर कुल एफडीआई करीब 40 अरब डॉलर रहा.
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