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LPG सिलेंडर में कम गैस की शिकायत डिस्ट्रीब्यूटर को पड़ेगी भारी! कमीशन काटने की तैयारी

News18Hindi
Updated: November 21, 2019, 6:50 PM IST

ग्राहक को बेहतर सर्विस देने के मकसद से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय को एक प्रस्ताव सौंपा है जिसमें ये कहा है कि LPG डिस्ट्रीब्यूटर का जो कमीशन का मौजूदा स्ट्रक्चर है उसमें बदलाव किया जाए.

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  • Last Updated: November 21, 2019, 6:50 PM IST
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नई दिल्ली. अगर आपका LPG डिस्ट्रीब्यूटर (LPG Distributor) आपको बेहतर सर्विस नहीं दे रहा है और आपके बार-बार शिकायत करने के बाद भी वो अपनी सेवाओं में सुधार नहीं कर रहा है तो अब वो आसानी से बच नहीं सकता. क्योंकि आपके फीडबैक के आधार पर उसको आर्थिक नुकसान हो सकता है. कंपनियां चाहती है कि ग्राहकों को बेहतर सर्विस मिले और कस्टमर की शिकायतों पर तुरंत एक्शन हो. इसीलिए अब इन कंपनियों ने कड़े कदम उठाने की ठानी है. CNBC आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, ग्राहक को बेहतर सर्विस देने के मकसद से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने पेट्रोलियम मंत्रालय (Petroleum Ministry) को एक प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें ये कहा है कि LPG डिस्ट्रीब्यूटर के कमीशन (Commission) का जो मौजूदा स्ट्रक्चर है उसमें बदलाव किया जाए. इसे फिक्स्ड रखने के बजाए वैरियबल बना दिया जाए. वैरियबल बनाने का मकसद ये है कि इसमें ग्राहकों की भूमिका बढ़ाई जाए. आपको बता दें कि मौजूदा समय में भी शिकायत का मैकेनिज्म है. लेकिन इसके तहत डिस्ट्रीब्यूटर पर कोई वित्तीय जुर्माना नहीं लगता है.

ऑयल कंपनियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय को जो प्रस्ताव दिया गया है उसके अनुसार डिस्ट्रीब्यूटर सर्विस से उनका कमीशन लिंक किए जाने का प्रस्ताव है. इसके तहत फीडबैक कमीशन देने का आधार बनेगा.

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डिस्ट्रीब्यूटर के कमीशन में हो सकती है कटौती- सूत्रों के मुताबिक मौजूदा स्ट्रक्चर में फिक्स्ड कमीशन 60 रुपये है. जो प्रस्ताव दिया गया है उसमें ये कहा गया है कि इसे 80% और 20% के अनुपात में विभाजित कर दिया जाए. इसका मतलब 80 फीसदी कमीशन फिक्स्ड होगा और 20 फीसदी कमीशन ग्राहक के फीडबैक के आधार पर होगा. मतलब ये कि अगर LPG डिस्ट्रीब्यूटर बेहतर सर्विस देते हैं तो ग्राहक के पास ये अधिकार होगा कि वे उनको फीडबैक दें. रेटिंग की प्रक्रिया को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बनाया हुआ है. जितनी रेटिंग होगी उसके हिसाब से तय होगा कि 20 फीसदी की रकम कमीशन के तौर पर पूरी मिले या उसमें भी कटौती की जाए.

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पेट्रोलियम मंत्रालय प्रस्ताव पर सहमत- दरअसल, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को लगता है कि ग्राहक मार्केटिंग कंपनियों के हैं. लिहाजा जब कमीशन का स्ट्रक्चर तैयार हो रहा है उसमें सर्विस की क्वालिटी को भी तरजीह दी जाए. ग्राहक को भी अधिकार मिले कि वो उनका कमीशन तय करें. सूत्रों के मुताबिक, सैद्धांतिक रूप से इस प्रस्ताव पर पेट्रोलियम मंत्रालय सहमत है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा.

(प्रकाश प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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First published: November 21, 2019, 5:43 PM IST
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