कच्‍चे तेल को लेकर सऊदी अरब की नसीहत पर गुस्‍साया भारत! क्रूड ऑयल आयात 35 फीसदी घटाने की तैयारी तेज

कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच देश में ईंधन की मांग एकबार फिर घट रही है.

कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच देश में ईंधन की मांग एकबार फिर घट रही है.

भारत की ओर से कच्‍चे तेल का उत्‍पादन (Crude Production) बढ़ाने की मांग पर सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने कम कीमत पर खरीदे रिजर्व तेल के इस्‍तेमाल की नसीहत दे डाली थी. अब इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) और तीन अन्य इंडियन रिफाइनरीज ने मई 2021 में सऊदी से 1.5 करोड़ बैरल के मासिक औसत के मुकाबले 65 फीसदी क्रूड ऑयल आयात का फैसला किया है.

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नई दिल्ली. भारत ने पेट्रोल-डीजल की आसामान छूती कीमतों (Petrol-Diesel Price Hike) को काबू करने के लिए ओपेक देशों से कच्चे तेल का उत्पादन (Crude Oil Production) बढ़ाने को कहा था. इस पर सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने भारत को सस्ती कीमत पर खरीदे गए कच्चे तेल के रिजर्व का इस्तेमाल करने की नसीहत दे डाली थी. साथ ही अप्रैल 2021 के अंत तक कच्चे तेल का उत्‍पादन नहीं बढ़ाने का फैसला किया. अब भारत ने ओपेक देशों के अलावा अन्य विकल्पों की तलाश करना शुरू कर दी है. इसके तहत इंडियन रिफाइनरी कंपनीज मई 2021 में सऊदी से कम क्रूड की खरीदारी करेंगी.

सऊदी से सिर्फ 65 फीसदी क्रूड ऑयल आयात करने का लिया फैसला

कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच देश में ईंधन की मांग एकबार फिर घट रही है. कच्चे तेल की खरीद को डायवर्सिफाई करने के लिए भारतीय कंपनियां पश्चिम एशिया के बाहर से आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) और तीन अन्य इंडियन रिफाइनरी कंपनीज ने मई में सऊदी अरब से 1.5 करोड़ बैरल के मासिक औसत के मुकाबले सिर्फ 65 फीसदी क्रूड ऑयल आयात का फैसला किया है. सूत्रों ने बताया कि आईओसी और अन्य रिफाइनरी कंपनियां सऊदी अरब या ओपेक (OPEC) देशों से निश्चित मात्रा के अनुबंध के बजाय हाजिर या मौजूदा बाजार भाव पर कच्चा तेल खरीदने का प्रयास कर रही हैं.

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भारतीय तेल कंपनियों ने गुयाना से लेकर नॉर्वे तक से खरीदा कच्‍चा तेल

भारत की तेल कंपनियों ने सऊदी अरब से आयात घटाने के प्रयासों के तहत गुयाना से लेकर नॉर्वे तक से क्रूड ऑयल खरीदा है. इसके अलावा भारतीय कंपनियों की निगाह अमेरिका (America) पर भी टिकी है. आईओसी ने पश्चिम अफ्रीका, अमेरिका और कनाडा से कच्चे तेल की खरीद के लिए हाजिर निविदा निकाली है. बता दें कि भारत की अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के दौरान ओपेक देशों से कच्चे तेल की खरीद घटकर 74.4 फीसदी रह गई है. एक साल पहले की समान अवधि में यह 79.6 फीसदी थी. भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ओपेक और ओपेक से जुडे देशों से कीमतों पर अंकुश के लिए कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की अपील करते रहे हैं.
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