केयर्न एनर्जी और भारत सरकार का टैक्स विवाद और उलझा, सरकारी बैंकों को विदेशी खातों से पैसा निकालने का निर्देश

Cairn Energy tax dispute

नई दिल्ली. भारत सरकार और केयर्न एनर्जी के बीच टैक्स विवाद सुलझने की बजाय और उलझता जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने सरकारी बैंकों को विदेशों में अपने विदेशी मुद्रा खातों से धन निकालने के लिए कहा है. सरकार को आशंका है कि आर्बिट्रेशन यानी मध्यस्थ के फैसले के बाद केयर्न एनर्जी इन बैंकों का कैश सीज करने की कोशिश कर सकती है। रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में दो सरकारी अधिकारियों और एक बैंकर के हवाले से यह बात कही है.

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    नई दिल्ली. भारत सरकार और केयर्न एनर्जी के बीच टैक्स विवाद सुलझने की बजाय और उलझता जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने सरकारी बैंकों को विदेशों में अपने विदेशी मुद्रा खातों से धन निकालने के लिए कहा है. सरकार को आशंका है कि आर्बिट्रेशन यानी मध्यस्थ के फैसले के बाद केयर्न एनर्जी इन बैंकों का कैश सीज करने की कोशिश कर सकती है। रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में दो सरकारी अधिकारियों और एक बैंकर के हवाले से यह बात कही है.

    क्या है मामला
    रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स मामले में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने केयर्न के पक्ष में फैसला सुनाया था. भारत सरकार को केयर्न को 1.4 अरब डॉलर का भुगतान करने को कहा था. यह फैसला दिसंबर 2020 में आया था. इस फैसले के बाद दोनों पक्षकार अपने-अपने तरीके से मामले में आगे बढ़ रहे हैं.

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    एक तरफ भारत सरकार ने मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में चुनौती दी है, वहीं दूसरी तरफ केयर्न एनर्जी ने विदेशों में भारत सरकार की संपत्ति की पहचान करना शुरू कर दिया है. इनमें सरकारी बैंकों के विदेशी अकाउंट्स भी शामिल हैं. अगर केयर्न और भारत सरकार के बीच सेटलमेंट नहीं हुआ तो कंपनी इन अकाउंट्स को सीज कर सकती है.
    अमेरिका सहित कई देशों में केयर्न दायर कर चुकी है अपील
    केयर्न 21 दिसंबर के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को लेकर भारत के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, कनाडा, फ्रांस, सिंगापुर, क्यूबेक की अदालतों में पहले ही अपील दायर कर चुकी है. इससे उसके लिए भारत सरकार की विदेशी संपत्तियों को सीज करना और मध्यस्थता न्यायाधिकरण द्वारा तय रकम की वसूली करना आसान हो सकता है.

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    एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, इस सप्ताह की शुरुआत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एक दिशानिर्देश भेजा गया है, जिसमें उनसे नोस्ट्रो खातों से फंड निकाल लेने को कहा गया है. यह निर्देश वित्त मंत्रालय ने जारी किया है. नोस्ट्रो खाते से अर्थ बैंक के उस अकाउंट से है जो विदेश में किसी अन्य बैंक में खुला होता है. ऐसे खाते अंतरराष्ट्रीय व्यापार और दूसरे फॉरेन एक्सचेंज ट्रांजेक्शंस सेटल करने के लिए इस्तेमाल होते हैं.

    भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में: केयर्न
    भारत के एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वित्त मंत्रालय ने केयर्न मामले में नया निर्देश भेजा है. मंत्रालय ने कहा है कि सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि विदेशी अदालतें उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले भारत के सरकारी बैंकों के फंड को केयर्न को देने का आदेश दे सकती हैं. केयर्न का कहना है कि वह इस मसले को हल करने के लिए भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है. एक अन्य सरकारी अधिकारी का कहना है कि सरकार और केयर्न के बीच बातचीत थोड़ी कामयाब हो रही है. लेकिन मंत्रालय का निर्देश दर्शा रहा है कि भारत सरकार केयर्न द्वारा एसेट्स सीज किए जाने की संभावना को लेकर चिंता में है.