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भारत बांग्लादेश के बीच 1965 में बंद हुई ट्रेन 55 साल बाद फिर दौड़ेगी पटरी पर, PM मोदी करेंगे उद्घाटन

55 साल से रुका सफर फिर एक बार पटरी पर
55 साल से रुका सफर फिर एक बार पटरी पर

साल 1965 में भारत और तब के पूर्वी पाकिस्तान के बीच रेल संपर्क टूटने के बाद कूचबिहार स्थित हल्दीबाड़ी और उत्तरी बांग्लादेश के चिलहटी के मध्य रेलवे लाइन बंद कर दी गई थी. जिसे 55 साल बाद एक बार फिर से शुरू किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 11, 2020, 12:50 PM IST
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नई दिल्ली. भारत और बांग्लादेश (तब का पूर्वी पाकिस्तान) के बीच बंद हुई रेल सेवा को 55 साल बाद एक बार फिर से शुरू किया जा रहा है. जिसका उद्घाटन 17 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना करेंगी. इसकी पुष्टि नॉर्थईस्टफ्रंटियर रेलवे के अधिकारियों ने की है. ये रेल सेवा पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हल्दीबाड़ी और पड़ोसी बांग्लादेश (Bangladesh) के चिलहटी के बीच शुरू होने जा रही है. गौरतलब है कि साल 1965 में भारत और तब के पूर्वी पाकिस्तान के बीच रेल संपर्क टूटने के बाद कूचबिहार स्थित हल्दीबाड़ी और उत्तरी बांग्लादेश के चिलहटी के बीच रेलवे लाइन को बंद कर दिया गया था.

एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुभान चंदा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और उनके बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना 17 दिसंबर को हल्दीबाड़ी चिलहटी रेल मार्ग का उद्घाटन करेंगे. सुभान चंदा ने कहा कि चिलहटी से हल्दीबाड़ी तक एक मालगाड़ी चलेगी, जो कि एनआरएफ के कटिहार डिवीजन के अधीन है. कटिहार मंडल के रेल प्रबंधक रविंदर कुमार वर्मा ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को अधिकारियों को रेल मार्ग दोबारा शुरू करने की जानकारी दे दी है.

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इतनी होगी अंतरराष्ट्रीय सीमा
एनएफआर के सूत्रों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन की दूरी 4.5 किलोमीटर है, जबकि बांग्लादेश के चिलहटी की दूरी जीरो प्वॉइंट से 7.5 किलोमीटर के आसपास है. हल्दीबाड़ी और चिलहटी दोनों स्टेशन सिलीगुड़ी और कोलकाता के बीच पुराने ब्रॉड गेज रेलवे मार्ग पर थे, जो वर्तमान बांग्लादेश में क्षेत्रों से होकर गुजरते थे.

नए रूट से 5 घंटे की होगी बचत
इस रूट पर यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने से कोलकाता से जलपाईगुड़ी जाने वाले लोगों केवल सात घंटे का समय लगेगा. पहले 12 घंटे लगता था यानी 5 घंटे की बचत. गुवाहाटी के मालीगांव में स्थित एनईएफ का मुख्यालय पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र और बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को कवर करता है.
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