FPI में भारत अव्वल, FY21 में सबसे ज्यादा एफपीआई पाने वाला देश बना

एफपीआई

एफपीआई

एफपीआई ने 2020-21 में कुल 2.74 लाख करोड़ रुपये इक्विटी खंड में डाले, जबकि ऋण खंड से कुल 24,070 करोड़ रुपये निकाले.

  • Share this:
नई दिल्ली. भारत वित्त वर्ष 2020-21 (FY21) में सबसे अधिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेश यानी एफपीआई (Foreign Portfolio Investment) पाने वाला देश बनकर उभरा है और इस दौरान कुल अंतर्प्रवाह (Inflows) 2.6 लाख करोड़ रुपये रहा. विशेषज्ञों ने बताया कि वैश्विक बाजारों में कैश की अधिकता और तेजी से आर्थिक सुधारों की उम्मीद के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारत में सबसे अधिक निवेश किया.

इक्विटी सेगमेंट में निवेश 2.74 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा

इस दौरान इक्विटी सेगमेंट में निवेश 2.74 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो राष्ट्रीय प्रतिभूति डिपॉजिटरी लिमिटेड द्वारा सार्वजनिक रूप से एफपीआई डेटा उपलब्ध कराने के बाद से अब तक सबसे ज्यादा है. इससे पहले वित्त वर्ष 2012-13 में इक्विटी सेगमेंट में 1.4 लाख करोड़ रुपये की सबसे अधिक आमद हुई थी.

ये भी पढ़ें- Gold Price Today: सोने के दाम 13 हजार रुपये से ज्‍यादा गिरकर 44 हजार रुपये के नीचे आए, देखें 10 ग्राम के नए भाव
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजय कुमार ने कहा कि खासतौर से वित्तीय क्षेत्र, बंधक ऋणदाता, फिनटेक कंपनियां और प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों ने एफपीआई प्रवाह को आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि आईटी, वित्तीय, सीमेंट और फार्मा क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन जारी रह सकता है, इसलिए वित्त वर्ष 22 में एफपीआई प्रवाह में वृद्धि हो सकती है.

ये भी पढ़ें- PAN-Aadhaar Linking: आज है डेडलाइन, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट हैंग, SMS के जरिए करें लिंक

चालू वित्त वर्ष में एफपीआई आमद 2.6 लाख करोड़ रुपये रही



एफपीआई ने 2020-21 में कुल 2.74 लाख करोड़ रुपये इक्विटी खंड में डाले, जबकि ऋण खंड से कुल 24,070 करोड़ रुपये निकाले, मिलेजुले इंस्ट्रूमेंट ने 10,238 करोड़ रुपये की आमद देखी. इस तरह चालू वित्त वर्ष में 30 मार्च 2021 तक कुल एफपीआई आमद 2.6 लाख करोड़ रुपये रही.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज