लाइव टीवी

भारत-चीन की अर्थव्यवस्थाएं चौथी तिमाही में होगी तेज- रिपोर्ट

भाषा
Updated: October 31, 2019, 1:56 PM IST
भारत-चीन की अर्थव्यवस्थाएं चौथी तिमाही में होगी तेज- रिपोर्ट
लंदन से प्रकाशित साप्ताहिक आर्थिक पत्रिका ‘इकोनॉमिस्ट’ की इकोनॉमिस्ट इंटैलिजेंस यूनिट की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त करते हुए कहा गया है कि तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक वृद्धि कमजोर बने रहने का अनुमान है.

लंदन से प्रकाशित साप्ताहिक आर्थिक पत्रिका ‘इकोनॉमिस्ट’ की इकोनॉमिस्ट इंटैलिजेंस यूनिट की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त करते हुए कहा गया है कि तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक वृद्धि कमजोर बने रहने का अनुमान है.

  • Share this:
नई दिल्ली. इस साल की चौथी तिमाही में भारत (India) और चीन (China) की अर्थव्यवस्थाओं में तेजी दिख सकती है. ये दोनों अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका और यूरोपीय संघ (US and European Union) के रुझानों के उलट वृद्धि दर में तेजी की राह पर होंगी. लंदन से प्रकाशित साप्ताहिक आर्थिक पत्रिका ‘इकोनॉमिस्ट’ की इकोनॉमिस्ट इंटैलिजेंस यूनिट की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त करते हुए कहा गया है कि तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक वृद्धि कमजोर बने रहने का अनुमान है.

तीसरी तिमाही में सिर्फ भारत और ब्रिटेन में आएगी तेजी
इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट की विज्ञप्ति में कहा गया है, दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में जी7 (G7) और ब्रिक्स (BRICS) देशों में से केवल भारत और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्थाओं में ही दूसरी तिमाही के मुकाबले तीसरे तिमाही में वृद्धि में तेजी के परिणाम सामने आएंगे. हालांकि, जहां तक ब्रिटेन की बात है, इसमें ज्यादा प्रसन्नता की बात नहीं है क्योंकि उसमें सुधार संकटपूर्ण दूसरी तिमाही के बाद मामूली ही रहेगा.

तीसरी तिमाही में 2.2 फीसदी ऊपर रहेगी जीडीपी ग्रोथ

विज्ञप्ति के अनुसार तीसरी तिमाही के दौरान भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर दूसरी तिमाही की तुलना में एक प्रतिशत ऊपर और चौथी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर 2019) में यह 2.20 प्रतिशत ऊंची रह सकती है. कैलेंडर वर्ष के मुताबिक अक्टूबर से दिसंबर 2019 चौथी तिमाही होगी जबकि भारत के वित्तीय वर्ष के अनुसार यह तीसरी तिमाही गिनी जाएगी.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार का महंगाई को रोकने के लिए बड़ा फैसला, नहीं बढ़ेंगे प्याज और दालों के दाम

रिपोर्ट के अनुसार कनाडा और अमेरिका तीसरी तिमाही के दौरान कनाडा और अमेरिका जी7 समूह की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं होंगी. इनकी वृद्धि 0.4 प्रतिशत के दायरे में होगी. वहीं भारतीय और चीनी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका और यूरोपीय संघ के धीमी वृद्धि के रुझानों को दरकिनार करते हुए चौथी तिमाही में तेजी से आगे बढ़ेंगी.
Loading...

इस वजह से अर्थव्यवस्था में है सुस्ती
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध, घटता कार्यबल और ज्यादा खिंचाव में चल रहे बैंकिंग क्षेत्र की वजह से चीन की अर्थव्यवसथा दूसरी तिमाही में धीमी पड़कर 1.35 प्रतिशत पर आ गई. यह सुस्ती तीसरी तिमाही में भी जारी रह सकती है लेकिन चौथी तिमाही और अगले साल की पहली तिमाही में इसमें तेजी आएगी और वास्तविक वृद्धि 1.6 से 1.8 प्रतिशत तक रहेगी. भारत की आर्थिक वृद्धि दर उसके वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में 5 प्रतिशत रही. दूसरी तिमाही जुलाई से सितंबर के आंकड़े नवंबर अंत में आएंगे.

ये भी पढ़ें: 

1 नवंबर से बैंकों में बदल जाएंगे ये नियम, आपके पैसों पर होगा सीधा असर!

नोटबंदी जैसा बड़ा कदम उठाने जा रही है मोदी सरकार!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 31, 2019, 1:56 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...