चीन में बने उत्‍पादों के बहिष्‍कार के बीच निर्यात बढ़ाने की कोशिश में जुटा भारत

चीन में बने उत्‍पादों के बहिष्‍कार के बीच निर्यात बढ़ाने की कोशिश में जुटा भारत
चीन से टकराव के बीच भारत ने अपने भारतीय मिशनों को 1,500 घरेलू उत्‍पादों के निर्यात की संभावनाएं तलाशने के काम में लगा दिया है.

देश के वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) ने अलग-अलग देशों में मौजूद भारतीय मिशनों (Indian Missions) को निर्यात की संभावनाएं (Export Opportunities) ढूंढने के लिए 1,500 प्रोडक्‍ट्स की सूची भेजी है. सूची में कपड़ा और चमड़ा उत्‍पादों के साथ ही कृषि रसायन और मसाले भी शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 19, 2020, 10:33 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. चीन के साथ सीमा विवाद के बीच भारत (India-China Rift) लगातार चीनी उत्‍पादों का बहिष्‍कार कर रहा है. इसी के तहत भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने भी चीन में बनी चीजें इस्‍तेमाल करने से इनकार कर दिया है. वहीं, चीन की कुछ कंपनियों के साथ कई समझौते भी रद्द कर दिए गए हैं. इस बीच, भारत सरकार घरेलू उत्‍पादों (Local Products) का निर्यात बढ़ाने की कोशिशों में जुट गई है. इसी के तहत वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) ने अलग-अलग देशों में घरेलू कंपनियों के लिए निर्यात के मौके (Export Opportunities) तलाशने के लिए भारतीय मिशनों के साथ 1,500 प्रोडक्‍ट्स की सूची साझा की है.

ये भी पढ़ें-PMC बैंक के ग्राहकों को RBI ने दी बड़ी राहत! अब मिली 1 लाख रुपये तक निकालने की छूट

संपर्क में हैं भारतीय मिशन और निर्यात संवर्द्धन परिषद
एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि कई निर्यात संवर्द्धन परिषद (Export Promotion Council) करीब 15 मिशनों के संपर्क में हैं. कोविड-19 की वजह से विदेश यात्रा पर रोक के चलते मिशनों ने डिजिटल बी2बी बैठकें कराने की बात की है. अधिकारी ने कहा कि इस कदम का मकसद घरेलू निर्यातकों (Indian Exporters) के लिए वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला और बाजार अवसर ढूंढने की कवायद में विदेश में मौजूद भारतीय मिशनों को शामिल करना है. अधिकारी ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से यह श्रृंखला टूट चुकी है.
ये भी पढ़ें- क्‍या दुनियाभर के लोग भारत में लगा रहे हैं पैसा, रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंच गया है विदेशी पूंजी भंडार



भारतऔर चीन दोनों करते हैं 550 उत्‍पादों का निर्यात
भारतीय मिशनों के साथ साझा की गई सूची में चमड़ा (Leather), कपड़ा (Textile), कृषि रसायन, इलेक्ट्रिकल उपकरण, मसाले (Spices) और समुद्री उत्पाद शामिल हैं. मंत्रालय ने चीन से आयात किए जाने वाले 1,054 प्रमुख उत्पादों का आकलन किया है. इनमें से 168 उत्पाद ऐसे हैं, जिनमें भारत काफी हद तक पड़ोसी देश पर निर्भर है. इसी तरह 550 ऐसे उत्पाद हैं, जिनमें भारत और चीन दोनों बड़े निर्यातक (Exporters) हैं. अधिकारी ने कहा कि इन उत्पादों में भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में मौजूदा कमी की भरपाई कर सकता है.

ये भी पढ़ें- रेहड़ी-पटरी वालों को फिर कामधंधा शुरू करने के लिए इस सरकारी स्‍कीम से मिलेगा पैसा

भारतीय निर्यातकों की मदद करेंगे विदेश में मौजूद मिशन
अधिकारी ने कहा कि चिह्नित उत्पादों की सूची (1,054 और 550) विदेश में भारतीय मिशनों के साथ साझा की गई है ताकि वे संबंधित देशों में इनके निर्यात के अवसरों का पता लगा सकें और अपने देश के निर्यातकों की मदद कर सकें. केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने पिछले महीने कहा था कि भारतीय मिशन घरेलू कंपनियों और निर्यातकों के लिए कारोबार के अवसरों का पता लगाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. वे दूसरे देशों के लिए भारत को निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाने में मदद कर सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज