• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • सीमा पर सुधर रहे हालात के बीच अब चीनी कंपनियों के लिए खुलेंगे दरवाजे! एफडीआई प्रस्‍तावों को मंजूरी दे सकता है भारत

सीमा पर सुधर रहे हालात के बीच अब चीनी कंपनियों के लिए खुलेंगे दरवाजे! एफडीआई प्रस्‍तावों को मंजूरी दे सकता है भारत

भारत, चीन के सैन्य कमांडरों के बीच वार्ता शनिवार को

भारत, चीन के सैन्य कमांडरों के बीच वार्ता शनिवार को

केंद्र सरकार को अप्रैल 2020 से अब तक चीन (China) की ओर से करीब 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रस्ताव मिले हैं. अब दोनों देशों की सीमाओं पर तनावपूर्ण हालात में कुछ सुधार होता दिख रहा है. ऐसे में मोदी सरकार चीनी कंपनियों (Chinese Companies) के प्रस्‍तावों को मंजूरी दे सकती है.

  • Share this:

    नई दिल्‍ली. भारत-चीन सीमा (India-China Border) पर पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (PLA) के कदम पीछे हटाने से सुधर रहे हालात के बीच केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) चीनी कंपनियों की ओर से आए प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के कुछ प्रस्‍तावों को जल्‍द मंजूरी दे सकती है. केंद्र सरकार के कुछ अधिकारियों ने कहा है कि भारत अगले कुछ हफ्तों में चीन से आए कुछ निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे सकता है. बता दें कि भारत और चीन के बीच हुए समझौते के बाद पीएलए ने पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील (Pangong Lake) के उत्तरी तट पर फिंगर-4 क्षेत्र को तेजी से खाली करना शुरू कर दिया है.

    चीन की ओर से आए हैं 12 हजार करोड़ के एफडीआई प्रस्‍ताव
    भारत में अप्रैल 2020 से पड़ोसी देशों की कंपनियों के लिए सरकार की मंजूरी के बाद ही किसी भी क्षेत्र में निवेश का नियम है. इस फैसले के अनुसार भारत में किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए चीन के एफडीआई प्रस्तावों को पहले सरकारी मंजूरी लेनी होगी. इस समय चीन से आए करीब 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने दिसंबर 2020 में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि केंद्र सरकार को अप्रैल से अब तक चीन से करीब 12,000 करोड़ रुपये के 120 से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव मिले हैं. ये प्रस्ताव पुराने निवेश में बढ़ोतरी से जुड़े हैं.

    ये भी पढ़ें- EPFO दे सकता है 4 मार्च को झटका, कर्मचारी भविष्‍य निधि पर घटाई जा सकती है ब्‍याज दर

    इन सेक्‍टर्स के लिए हैं प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश के लंबित प्रस्‍ताव
    पेटीएम (Paytm), जोमैटो (Zomato), उदान (Udaan) जैसे देश के बड़े स्टार्टअप्स में चीनी निवेशकों (Chinese Investors) ने खूब पैसा लगाया है. इन्हें फ्रेश फंड का इंतजार है, लेकिन सरकार की मंजूरी के बिना यह संभव नहीं है. निवेश के लंबित प्रस्‍ताव पावर, टेलिकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स और फाइनेंस सेक्टर के लिए हैं. चीन ने इस मुद्दे को डब्‍ल्‍यूटीओ (WTO) के सामने भी उठाया था. बता दें कि पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत के बीच गतिरोध के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने अप्रैल 2020 में कोरोना महामारी के बीच मौके का फायदा उठा रही चाइनीज कंपनियों पर लगाम कसने के लिए यह फैसला लिया था. अप्रैल में डीपीआईआईटी (DPIIT) ने कहा था कि भारत की सीमा से लगे किसी भी देश की कंपनी या व्यक्ति को भारत में किसी भी क्षेत्र में निवेश से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज