भारत से पंगा लेना चीन को पड़ा भारी, पूरी दुनिया में घटी चीनी सामानों की मांग

भारत से पंगा लेना चीन को पड़ा भारी, पूरी दुनिया में घटी चीनी सामानों की मांग
वैश्विक मांग घटने के कारण जून में चीन की मैन्‍युफैक्‍चरिंग गतिविधियां घट गई हैं.

चीन (China) में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने को लगाई गईं सख्‍त पाबंदियों (Lockdown) के कारण अर्थव्‍यवस्‍था (Economy) हफ्तों तक ठप पड़ी रही. अब वहां फैक्‍ट्री गतिविधियां धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही हैं, लेकिन मांग नहीं होने के कारण क्षमता से कम काम हो रहा है. 

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बीजिंग. कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में अभी भी कारोबारी गतिविधियां रफ्तार नहीं पकड़ पाई हैं. वहींं, चीन को भारत से टकराव अब धीरे-धीरे काफी भारी पड़ता जा रहा है. दुनियाभर में चीन में बने सामान की मांग लगातार घट रही है. ऐसे में चीन में मैन्‍युफैक्‍चरिंग गतिविधियों (Manufacturing Activities) की रफ्तार जून में धीमी हो गई है. हालांकि, इस दौरान फैक्‍ट्री गतिविधियों में मामूली इजाफा नजर आ सकता है. वहीं, चीन की राजधानी बीजिंग (Beijing) में कोविड-19 के नए मामले सामने आने और दुनियाभर में संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण धीरे-धीरे डॉमेस्टिक रिकवरी (Domestic Recovery) सुस्‍त होने का खतरा बना हुआ है.

कोविड-19 के मामले बढ़ने से घटी हुई है वैश्विक मांग
चीन का खरीद प्रबंध सूचकांक (PMI) जून में गिरकर 50.4 रहने के आसार हैं, जो मई में 50.6 पर था. इसका मतलब है कि फैक्‍ट्री गतिविधियां घट रही हैं. हालांकि, अगर सूचकांक 50 से ऊपर रहता है तो से माना जाता है कि उत्पादन में वृद्धि हो रही है. वुहान में यात्रा पाबंदियों को अप्रैल में हटा लिया गया था. इसके बाद चीन में लॉकडाउन के कारण हफ्तों तक ठप पड़ी रही अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार शुरू हुआ. अब वहां स्थिति पहले से काफी बेहतर है. हालांकि, दुनियाभर में कोविड-19 के मामले बढ़ने के कारण निर्यात मांग कमजोर ही बनी हुई है. माना जा रहा है कि कोरोना वायरस की सेकेंड वेव को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया तो वैश्विक मंदी अनुमान से भी ज्‍यादा गंभीर होगी.

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'अभी खत्‍म नहीं हुई है कोरोना वायरस के खिलाफ जंग'


चीन की राजधानी बीजिंग में जून की शुरुआत में एक फूड मार्केट में 200 से ज्‍यादा कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए. इससे फिर लोगों में कोविड-19 को लेकर खौफ पैदा हो गया. विशेषज्ञों का कहना है कि तमाम अर्थव्‍यवस्‍थाओं के लिए किसी वायरस के कारण ये अब तक का सबसे बड़ा खतरा है. मॉर्गन स्‍टेनली (Morgan Stanley) ने कहा, 'हमें सप्‍ताह ये फिर याद आया कि कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई अभी पूरी तरह खत्‍म नहीं हुई है. दुनियाभर में नए केस सामने आने का सिलसिला पहले के मुकाबले और तेज हो गया है.' वैश्विक महामारी के कारण चीन समेत दुनियाभर में फैक्ट्रियों में क्षमता से काफी नीचे कामकाज हो रहा है.

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चीन के निर्यात में दर्ज की गई 3.3 फीसदी की गिरावट
Yingda Securities के शोधकर्ता हू यंहॉन्‍ग ने कहा कि चीन में काम फिर शुरू हो चुका है. पिछले महीने के मुकाबले जून में इसमें ना तो बहुत गिरावट हुई है और ना ही बहुत तेजी आई है. चीन के निर्यात में मई में 3.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन महामारी से संबंधित चिकित्सा आपूर्ति की मांग के कारण स्थिति कुछ संभल गई. हालांकि, कैपिटल इकोनॉमिक्‍स ने कहा है कि वर्क फ्रॉम होम की व्‍यवस्‍था घटाने, मास्‍क और दूसरे सुरक्षा उपकरणों के स्‍टॉक्‍स इकट्ठा करने में सुस्‍ती के कारण कामकाज में आया सुधार ज्‍यादा समय तक बना रहने की उम्‍मीद कम ही है.
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