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मालदीव की समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिये भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, दी पांच करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा

समझौते पर मालदीव के वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्यात आयात बैंक ने हस्ताक्षर किये. (Photo- Twitter/
Ibrahim Mohamed Solih)
समझौते पर मालदीव के वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्यात आयात बैंक ने हस्ताक्षर किये. (Photo- Twitter/ Ibrahim Mohamed Solih)

जयशंकर ने मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलीह से भी मुलाकात की और कोविड ​​-19 महामारी और इसके बाद द्वीपीय राष्ट्र के व्यापक विकास भागीदार के रूप में भारत की पूर्ण प्रतिबद्धता की पुष्टि की.

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माले. भारत ने मालदीव (Maldives) की सुरक्षा के लिये रविवार को अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी. इसके तहत भारत ने मालदीव की समुद्री सुरक्षा क्षमता के विस्तार के लिये पांच करोड़ डॉलर की एक रक्षा ऋण सुविधा पर हस्ताक्षर किया. इस समझौते पर मालदीव के वित्त मंत्रालय (Finance Minister) और भारतीय निर्यात आयात बैंक ने हस्ताक्षर किये. विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) और मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी, मालदीव के वित्त मंत्री इब्राहिम अमीर, मालदीव के आर्थिक विकास मंत्री फैयाज इस्माइल और मालदीव के राष्ट्रीय योजना, आवास व बुनियादी ढांचा मंत्री मोहम्मद असलम के साथ बातचीत के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किये गये.

दो दिवसीय यात्रा पर यहां आये जयशंकर ने रक्षा मंत्री के साथ सौहार्दपूर्ण बैठक की. जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे रक्षा सहयोग पर उपयोगी आदान-प्रदान. मालदीव के लिये भारत हमेशा एक विश्वसनीय सुरक्षा भागीदार होगा.’’ दोनों नेताओं की बातचीत के बाद, जयशंकर और दीदी ने उथुरु थिला फालु (यूटीएफ) नौसैनिक अड्डे पर कोस्टगार्ड बंदरगाह और डॉकयार्ड विकसित करने के लिये एक समझौते पर हस्ताक्षर किये.

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भारत की यात्रा के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम द्वारा 2016 में हस्ताक्षरित एक रक्षा कार्य योजना के तहत समझौते पर हस्ताक्षर किये गये.
विदेश मंत्री ने कही ये बात
बंदरगाह और डॉकयार्ड के अलावा, भारत बंदरगाह के लिए आवश्यक अन्य अवसंरचना के विकास में भी मदद करेगा तथा संचार संसाधनों और रडार सेवाओं के विकास का समर्थन व प्रशिक्षण प्रदान करेगा. जयशंकर ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्री मारिया दीदी के साथ यूटीएफ हार्बर प्रोजेक्ट समझौते पर हस्ताक्षर कर खुशी हुई. यह समझौता मालदीव के कोस्ट गार्ड की क्षमता को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) के प्रयासों को सुगम बनायेगा. हम विकास में भागीदार हैं, सुरक्षा में भागीदार हैं. ’’

दीदी ने कहा कि जयशंकर का स्वागत करना बहुत खुशी की बात है. उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘पुराने समय से ही रक्षा सहयोग भारत और मालदीव के बीच संबंधों का एक प्रमुख तत्व रहा है. सिफावारु में तटरक्षक हार्बर और डॉकयार्ड एक अन्य महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. ’’

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जयशंकर ने आबादी के लिहाज से मालदीव में दूसरे सबसे बड़े शहरी क्षेत्र अडू में सड़कों के निर्माण के लिये एक परियोजना के अनुबंध पर हस्ताक्षर किये.

जयशंकर ने मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलीह से भी मुलाकात की और कोविड ​​-19 महामारी और इसके बाद द्वीपीय राष्ट्र के व्यापक विकास भागीदार के रूप में भारत की पूर्ण प्रतिबद्धता की पुष्टि की.

जयशंकर ने शनिवार को मालदीव को कोविड-19 टीके की एक लाख अतिरिक्त खुराकें सौंपी.

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)
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