पिछले साल भारत में 1.10 लाख करोड़ रुपये निवेश करने वाला देश खुद भारी मंदी में फंसा

पिछले साल भारत में 1.10 लाख करोड़ रुपये निवेश करने वाला देश खुद भारी मंदी में फंसा
भारत में सबसे ज्‍यादा प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश करने वाला देश लॉकडाउन के कारण खुद भारी मंदी की चपेट में आ गया है.

लॉकडाउन के कारण ठप हुई आर्थिक गतिविधियों और खुदरा खर्च में कमी के कारण अप्रैल-जून 2020 तिमाही के दौरान सिंगापुर (Singapore) के सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) में 41.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

  • Share this:
नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए लागू लॉकडाउन (Lockdown) के कारण ठप हुईं कारोबारी गतिविधियों और खुदरा खर्च में आई जबरदस्‍त कमी से सिंगापुर आर्थिक मंदी (Recession) की चपेट में आ गया है. ये सिंगापुर (Singapore) ही नहीं निर्यात पर निर्भर सभी एशियाई देशों (Asia) के लिए बुरी खबर है कि वैश्विक महामारी (Pandemic) उन्‍हें लगातार मंदी की ओर धकेल रही है. सिंगापुर के कारोबार व उद्योग मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल-जून 2020 तिमाही के दौरान देश के सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) में 41.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. ये अब तक की सबसे तेज गिरावट है. एक साल पहले के मुकाबले जीडीपी में 12.6 फीसदी कमी आई है. बता दें कि सिंगापुर के लोग भारत में सबसे ज्‍यादा निवेश करते हैं.

सिंगापुर की अर्थव्‍यवस्‍था में दर्ज की गई चौतरफा गिरावट
भारत में साल 2019-20 के दौरान कुल 3.67 लाख करोड़ रुपये (49.97 अरब डॉलर) का प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया था. इसमें 1.10 लाख करोड़ रुपये (14.67 अरब डॉलर) का एफडीआई अकेले सिंगापुर से आया था. वहीं, अब वैश्विक महामारी के कारण सिंगापुर की अर्थव्‍यवस्‍था में चौतरफा गिरावट दर्ज की गई है. वैश्विक कारोबार में गिरावट के कारण सिंगापुर की निर्यात निर्भर मैन्‍युफैक्‍चरिंग इंडस्‍ट्री को खासा नुकसान झेलना पड़ा है. वहीं, लॉकडाउन के कारण खुदरा बिक्री में रिकॉर्ड गिरावट आई. इससे पहले सिंगापुर की सरकार ने पूरे साल में देश की अर्थव्‍यवस्‍था 4 से 7 फीसदी के बीच गिरावट का अनुमान जताया था. नए आंकड़े जारी होने के बाद सरकार की ओर से देश की अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर कोई नया अनुमान जारी नहीं किया गया है.

ये भी पढ़ें- दुनिया के छठे सबसे अमीर शख्स बने रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी
जापान की जीडीपी में दर्ज की गई 20 फीसदी की कमी


सिंगापुर उन पहले देशों में शामिल है, जो तिमाही आधार पर जीडीपी के आंकड़े जारी करते हैं. आज जारी आंकड़ों से साफ है कि एशिया के दूसरे देशों के मुकाबले सिंगापुर पर लॉकडाउन का सबसे बुरा असर हुआ है. अप्रैल-जून 2020 तिमाही के दौरान जापान की जीडीपी में सालाना आधार पर 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. उम्‍मीद की जा रही है कि चीन इस हफ्ते आंकड़े जारी कर बताएगा कि उसकी अर्थव्‍यवस्‍था पटरी पर लौट आई है. साथ ही बताया जाएगा कि उसकी आर्थिक वृद्धि ने रफ्तार पकड़ ली है.

ये भी पढ़ें- इस भारतीय फार्मा कंपनी को मिली COVID की दवा Favipiravir बनाने की अनुमति

सिंगापुर के मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में 23.1 फीसदी कमी
सिंगापुर के मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर जून तिमाही में 23.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जो इससे पिछली तिमाही में 45.5 फीसदी बढ़ी थी. फार्मास्‍युटिकल सेक्‍टर में तेजी के कारण साल-दर-साल आधार पर देश के मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. लॉकडाउन के कारण कंस्‍ट्रक्‍शन में साल-दर-साल आधार 54.7 फीसदी कमी आई है. वहीं, तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 95.6 फीसदी की गिरवट दर्ज की गई है.

यह भी पढ़ें- 1 लाख लगाकर कमा सकते हैं 60 लाख रुपए तक मुनाफा, शुरू करें इस पेड़ की खेती

बहुत धीमी रफ्तार से पटरी पर लौट पाएगी अर्थव्‍यवस्‍था
सर्विस सेक्‍टर में जून तिमाही के दौरान 37.7 फीसदी औरर साल-दर-साल आधार पर 13.6 फीसदी की तेज गिरावट आई है. यात्रा पाबंदियों के कारण एयरलाइंस, होटल्‍स और रेस्‍टोरेंट जैसे पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबार पर भी बुरा असर पड़ा है. माना जा रहा है कि अप्रैल-जून तिमाही में आई तेज गिरावट सिंगापुर की अर्थव्‍यवस्‍था में अब तक सबसे बड़ी गिरावट है. वहीं, उम्‍मीद की जा रही है कि अर्थव्‍यवस्‍था बहुत धीमी रफ्तार से पटरी पर लौटेगी. सिंगापुर में जून के आखिर में ज्‍यादातर कारोबार पटरी पर लौटने शुरू हो गए हैं. हालांकि, सीमाएं बंद होने, सोशल डिस्‍टेंसिंग नियमों के कारण लोगों की आवाजाही कम होने से इसके बहुत तेजी से दुरुस्‍त होने की उम्‍मीद कम है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading