Home /News /business /

तेल आयात के कारण भारत कर रहा है 'आर्थिक संकट' का सामनाः नितिन गडकरी

तेल आयात के कारण भारत कर रहा है 'आर्थिक संकट' का सामनाः नितिन गडकरी

नितिन गडकरी File Photos

नितिन गडकरी File Photos

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है. भारत अपनी तेल की कुल ज़रूरतों का 80 फीसदी बाहर से आयात करता है.

  • News18.com
  • Last Updated :
    परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि भारत तेल के आयात के कारण 'आर्थिक संकट' का सामना कर रहा है. यह बात उन्होंने रुपये की गिरती कीमत और देश के बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर हो रही मीटिंग में कही. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है. भारत अपनी तेल की कुल ज़रूरतों का 80 फीसदी बाहर से आयात करता है.

    ये भी पढ़ेंः गडकरी विरोधी ब्रिगेड बोली, मोदी को बनाओ पीएम कैंडिडेट

    साल की शुरुआत से ही रुपये की कीमत 13 फीसदी तक गिर चुकी है, जो कि इस स्थिति को और भी खराब करती है. इसके मद्देनज़र गुरुवार को पीएम मोदी के साथ वित्तमंत्री अरुण जेटली, तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक की. गडकरी का ये बयान तब आया है जब स्टॉक एक्सचेंज का पारा लगातार नीचे जा रहा है. गुरुवार को डॉलर के मुताबिक रुपये की कीमत अब तक के सबसे नीचे गिरने की वजह से बीएसई बेंचमार्क 800 प्वाइंट और निफ्टी इंडेक्स 213 प्वाइंट नीचे गिर गया.

    इस गिरावट की वजह से शेयर बाजार की निवेशकों के 3.13 लाख करोड़ रुपये डूब गए है. दरअसल बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के शेयरों का पूंजीकरण 1,43,71,351.05 करोड़ रुपये से गिरकर 1,40,57,705.04 करोड़ रुपये पर आ गया है.

    ये भी पढ़ेंः नमामि गंगे योजना के तहत उत्तराखंड में काम 2018 तक पूरे करें: गडकरी


    बता दें कि रुपया अब तक के सबसे नीचे स्तर 73.81 तक पहुंच गया है और कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 86 यूएस डॉलर प्रति बैरल हो गई. जो कि चार सालों में सबसे ज़्यादा है.

     

    Tags: Arun Jaitely, Company, Dharmendra Pradhan, Narendra modi, Nitin gadkari, Petrol and diesel, Sensex

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर