Global Minimum Tax: टैक्स एक्सपर्ट बोले- न्यूनतम 15% के कॉरपोरेट टैक्स करार से भारत को होगा फायदा

प्रतीकात्मक तस्वीर

G-7 देश इस बार पर राजी हो गई हैं कि ग्लोबल मिनिमम टैक्स को न्यूनतम 15 फीसदी रखा जाएगा.

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    नई दिल्ली. वैश्विक स्तर पर न्यूनतम कॉरपोरेट टैक्स की दर को 15 फीसदी पर रखने के करार से भारत को फायदा होगा. दुनिया के अमीर देशों के बीच शनिवार को इस आशय का समझौता हुआ है. टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में घरेलू टैक्स की प्रभावी दर इस सीमा से ऊंची है. इससे भारत निवेश आकर्षित करता रहेगा.

    जी-7 देशों अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, कनाडा, इटली और जापान ने शनिवार को बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर टैक्सेशन को लेकर ऐतिहासिक समझौता किया है. इसके तहत न्यूनतम ग्लोबल टैक्स की दर कम से कम 15 फीसदी रहेगी.

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    नांगिया एंडरसन इंडिया के चेयरमैन राकेश नांगिया ने कहा कि जी-7 का वैश्विक न्यूनतम टैक्स की दर को 15 फीसदी पर रखने के फैसले से अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के ज्यादातर देशों को फायदा होगा. हालांकि, कुछ निचले कर वाले यूरोपीय देश मसलन नीदरलैंड, आयरलैंड और लक्जमबर्ग और कुछ कैरिबियाई देश बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने के लिए टैक्स की दर पर निर्भर करते हैं.

    परामर्शक कंपनी एकेएम ग्लोबल के कर भागीदार अमित माहेश्वरी ने कहा कि भारत को इस फैसले से फायदा होगा क्योंकि यह टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है.

    ग्लोबल कॉरपोरेट टैक्स करार ऐतिहासिक
    ईवाई इंडिया के नेशनल टैक्स लीडर सुधीर कपाड़िया ने कहा कि वैश्विक कॉरपोरेट टैक्स करार ऐतिहासिक है. विशेष रूप से इससे भारत जैसे बड़े और विकासशील देश को फायदा होगा. भारत के लिए हमेशा से देश में एफडीआई को आकर्षित करने के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर को कृत्रिम रूप से निचले स्तर पर रखना मुश्किल होता था.

    आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के महासचिव मैथायस कॉरमैन ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि जी-7 के वित्त मंत्रियों के बीच सहमति विशेषरूप से वैश्विक कराधान के न्यूनतम स्तर पर करार एक ऐतिहासिक कदम है। इससे आगे अंतरराष्ट्रीय कर प्रणाली में सुधार में मदद मिलेगी.