भारतीय तेल कंपनियों ने ईरान को नहीं दिया कच्चे तेल का नया ऑर्डर

भारतीय तेल कंपनियों ने ईरान को नहीं दिया कच्चे तेल का नया ऑर्डर
सांकेतिक तस्‍वीर

जल्द ही भारत ईरान से क्रूड ऑइल इम्पोर्ट नहीं करने का मन बना रहा है. भारत अपनी योजना पर आगे बढ़ गया तो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान को तेल के एक बड़े ग्राहक से हाथ धोना पड़ेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 27, 2018, 10:24 AM IST
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जल्द ही भारत ईरान से क्रूड ऑइल इम्पोर्ट नहीं करने का मन बना रहा है. भारत अपनी योजना पर आगे बढ़ गया तो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान को तेल के एक बड़े ग्राहक से हाथ धोना पड़ेगा. भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियों, इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, ने नवंबर महीने में ईरान से तेल की खेप का ऑर्डर अब तक नहीं दिया है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबरे के अनुसार तेल उद्योग के एक बड़े अधिकारी ने कहा है कि नायरा एनर्जी भी इसी नक्शेकदम पर चल रही है और उसकी भी ईरान से तेल खरीदने की कोई योजना नहीं है. वैसे नवंबर की खेप के लिए अक्टूबर के शुरुआत तक ऑर्डर दिया जा सकता है, इसलिए कंपनियों के विचार बदलने की संभावना खारिज नहीं की जा सकती.

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ईरान के कच्चे तेल से निर्यात में गिरावट की वजह से ब्रेंट क्रूड का भाव चार वर्ष के ऊपरी स्तर पर पहुंचकर 80 डॉलर के पार हो गया है. दुनियाभर में सिर्फ सऊदी अरब और कुछ-कुछ यूनाइटेड अरब अमीरात एवं रूस के पास ही तेल उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है.
भारत ने इस वर्ष वहां से प्रति दिन औसतन 5 लाख 77 हजार बैरल तेल मंगाया है. ब्लूमबर्ग के आंकड़े के मुताबिक, यह मध्य पूर्व के देशों के कुल तेल निर्यात का 27 प्रतिशत है. दरअसल, दक्षिण कोरिया, जापान और यूरोपीय देश भी ईरान से तेल आयात बंद करने जा रहे हैं.

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ऐसे में भारत का इस तरह का फैसला ईरान को बड़ा झटका देगा. उधर, 4 नवंबर से ईरान से तेल आयात पर शुरू हो रही अमेरिकी पाबंदी के कारण ब्रेंट क्रूड का भाव 80 डॉलर से बहुत आगे जा सकता है. आशंका यह भी जताई जा रही है कि 2014 के बाद पहली बार कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल की ऊंचाई छू सकता है.
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