हैरान हो जाएंगे आप यह जानकर, इन बड़े ब्रांडों की नकल करके ठगी करते हैं साइबर हमलावर

अमेजन और पेपाल जैसे ऑनलाइन शॉपिंग ब्रांड्स पिछले साल टॉप-10 ब्रांड्स में शामिल थे, जिनका हूबहू नकली ब्रांड बनाकर हैकर्स ने लोगों को ठगा.

अमेजन और पेपाल जैसे ऑनलाइन शॉपिंग ब्रांड्स पिछले साल टॉप-10 ब्रांड्स में शामिल थे, जिनका हूबहू नकली ब्रांड बनाकर हैकर्स ने लोगों को ठगा.

एशिया में हुए कुल साइबर हमलों में भारत का 7% हिस्सा है. यह आंकड़ा जापान के बाद दूसरा सबसे ज्यादा है. टेक कंपनी आईबीएम ने अपनी सालाना एक्स-फोर्स थ्रेट रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी.

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  • Last Updated: February 25, 2021, 10:22 AM IST
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नई दिल्ली. एशिया में हुए कुल साइबर हमलों में भारत का 7% हिस्सा है. यह आंकड़ा जापान के बाद  सबसे ज्यादा है. टेक कंपनी आईबीएम ने अपनी सालाना एक्स-फोर्स थ्रेट रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक साइबर क्रिमिनल्स ने पब्लिक हेल्थ इंफॉर्मेशन जैसी संवेदनशील जानकारियों का उपयोग करते हुए लोगों को वैक्सीनेशन का लालच देकर भी फंसाने की कोशिश की. वे बड़े ब्रांडों की नकल करके भी ठगी करते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020 में सबसे सक्रिय रैंसमवेयर ग्रुप सोदिनोकिबी (Sodinokibi) रहा. यह दुनियाभर में हुईं 22% रैंसमवेयर घटनाओं में शामिल रहा. एक अनुमान के मुताबिक, सोदिनोकिबी ने अपने पीड़ितों का लगभग 21.6TB डेटा चुराया था. इसके लिए लगभग दो-तिहाई पीड़ितों ने फिरौती का भुगतान भी किया. एक्स-फोर्स का अनुमान है पिछले साल फिरौती से समूह में लगभग 890 करोड़ रुपए से अधिक कमाए.
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गूगल, ड्रॉपबॉक्स और माइक्रोसॉफ्ट की कॉपी करके की ठगी
यूजर्स की वित्तीय और गोपनीय जानकारियां चोरी करने या उनके डिवाइसेस को मैलवेयर से संक्रमित करने के लिए साइबर अपराधियों ने खुद को ऐसे ब्रांड के रूप में छिपाने का विकल्प चुना जिनपर उपभोक्ता भरोसा करते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल, ड्रॉपबॉक्स और माइक्रोसॉफ्ट जैसे टूल्स या अमेजन और पेपाल जैसे ऑनलाइन शॉपिंग ब्रांड्स पिछले साल टॉप-10 ब्रांड्स में शामिल थे, जिनका हूबहू नकली ब्रांड बनाकर हैकर्स ने लोगों को ठगा. यूट्यूब और फेसबुक भी इस लिस्ट में सबसे ऊपर रहे. हैरानी की बात है 2020 में एडिडास सातवां ऐसा ब्रांड रहा, जिसकी सबसे ज्यादा नकल की गई.
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कुल हमलों में रैंसमवेयर की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत

आईबीएम के इंडिया एंड साउथ एशिया के सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर टेक्निकल सेल्स लीडर सुदीप दास ने बताया कि भारत में साइबर अटैक करने के लिए सबसे ज्यादा रैंसमवेयर का इस्तेमाल किया गया. कुल हमलों में इसकी 40% की हिस्सेदारी थी. रैंसमवेयर का उपयोग हैकर्स फिरौती मांगने के लिए करते हैं. इसके लिए यूजर का डेटा चोरी, इन्क्रिप्टेड या फिर लीक करने तक की धमकी दी जाती है. दास के मुताबिक क्लाउड-बेस्ड डेटा सिक्योरिटी को कॉन्फिडेंशियल और कम्प्यूटिंग जैसे तकनीकों के साथ सख्त करना चाहिए.
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फाइनेंस और इंश्योरेंस सेक्टर पर सबसे ज्यादा साइबर हमले

2019 में भारतीय कंपनियों पर सबसे ज्यादा डिजिटल करंसी माइनिंग और सर्वर एक्सेस से जुड़े हमले हुए. जबकि 2020 में सबसे ज्यादा 60% हमले फाइनेंस और इंश्योरेंस सेक्टर पर हुए. इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग और प्रोफेशनल सर्विसेस सेक्टर रहा. रिपोर्ट में बताया कि भारतीय कंपनियों पर सबसे ज्यादा हमले मई से जुलाई के बीच हुए. यह वही समय था जब महामारी अपने चरम पर पहुंच रही थी और व्यवसाय ऑनलाइन की तरफ तेजी से बढ़ रहे थे. लॉकडाउन के कारण कई व्यवसाय तेजी से क्लाउड को अपना रहे थे और इसी दौरान क्लाउड-बेस्ड हमलों में तेजी देखने को मिली.
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