देश की GDP ग्रोथ दर 2019-20 में 7.3 फीसदी से घटाकर 6.7% रहने का अनुमान: India Ratings

भाषा
Updated: August 29, 2019, 1:36 PM IST
देश की GDP ग्रोथ दर 2019-20 में 7.3 फीसदी से घटाकर 6.7% रहने का अनुमान: India Ratings
देश की GDP ग्रोथ दर 2019-20 में 6.7% रहने का अनुमान: रिपोर्ट

इंडिया रेटिंग्स (India Ratings) ने चालू वित्त वर्ष के लिये देश की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर का अनुमान घटाया. जानें जीडीपी गिरने की वजह.

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इंडिया रेटिंग्स (India Ratings) ने चालू वित्त वर्ष के लिये देश की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर का अनुमान 7.3 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया. खपत मांग में कमी, विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर में नरमी को देखते हुए एजेंसी ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है. रेटिंग एजेंसी ने इससे पहले जीडीपी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई थी. इंडिया रेटिंग्स के प्रधान अर्थशास्त्री सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि लगातार तीसरे साल आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी रहेगी.

उन्होंने कहा कि तिमाही आधार पर, अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर धीमी होकर 5.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. इससे पिछली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रही थी. इंडिया रेटिंग्स ने रपट में कहा कि हमने 2019-20 में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर को 7.3 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया. यह छह साल का न्यूनतम स्तर है.

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इस वजह से गिरेगी GDP 

इसमें कहा गया है कि खपत से जुड़ी मांग में नरमी, मानसून में देरी, विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि में गिरावट, समयबद्ध तरीके से मामलों को सुलझाने में दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता सहिंता के नाकाम रहने से चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट रहने की आशंका है. वैश्विक मोर्चे पर व्यापार तनाव बढ़ने से निर्यात भी प्रभावित होगा.

2024-25 तक देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना मुश्किल
सिन्हा ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के वास्ते वाहन, एमएसएमई और वित्तीय क्षेत्रों के लिए सरकार की ओर से उठाए कदमों के बेहतर परिणाम दिखने में समय लगेगा. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था की मौजूदा रफ्तार से 2024-25 तक देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बाजार मूल्य पर आधारित जीडीपी वृद्धि दर 12 प्रतिशत होनी चाहिए. सिन्हा ने यह भी कहा कि वाहन, लघु उद्योगों और वित्तीय क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने के लिये सरकार ने जिन उपायों की घोषणा की है उनका परिणाम सामने आने में कुछ समय लगेगा.
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First published: August 29, 2019, 1:36 PM IST
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