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अब चीन को ऐसे पटखनी देगा भारत! अरुणाचल प्रदेश में नई रणनीति पर चल रही तैयारी

अब चीन को ऐसे पटखनी देगा भारत! अरुणाचल प्रदेश में नई रणनीति पर चल रही तैयारी

भारत चीन को पूर्वोत्‍तर राज्‍यों की ओर से घेरने की तैयारी कर रहा है.

भारत चीन को पूर्वोत्‍तर राज्‍यों की ओर से घेरने की तैयारी कर रहा है.

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में ग्रीनफील्‍ड एयरपोर्ट (Greenfield Airport) बनाने का काम शुरू हो चुका है. 4,100 स्‍क्‍वायर मीटर एरिया में बनाए जा रहे इस एयरपोर्ट पर करीब 650 करोड़ रुपये खर्च होंगे. भारत-चीन सीमा तनाव (India-China Border Tension) के बीच सामरिक नजरिये से भी यह एयरपोर्ट काफी अहमियत रखता है.

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    नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार सीमा विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच चीन (India-China Rift) को हर तरफ से घेरने की रणनीति पर काम कर रही है. इसी के मद्देनजर पूर्वोत्‍तर राज्‍यों (Northeast) की ओर से भी चीन को पटखनी देने की योजना पर काम शुरू हो गया है. योजना के तहत पूर्वोत्‍तर राज्‍य अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) को जल्‍द एक ग्रीनफील्‍ड एयरपोर्ट मिलने जा रहा है. इस ग्रीनफील्‍ड एयरपोर्ट (Greenfield Airport) का निर्माण राजधानी ईटानगर से 15 किमी दूर होलोंगी में किया जा रहा है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से बनाये जा रहे इस एयरपोर्ट पर करीब 650 करोड़ रुपये खर्च होंगे. भारत-चीन सीमा तनाव के बीच सामरिक नजरिये से भी यह एयरपोर्ट काफी अहमियत रखता है.

    4,100 वर्ग मीटर में बनेगा एयरपोर्ट
    एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के आसपास के स्थलों का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा. इससे आसपास के इलाकों में पर्यटन (Tourism) को भी बढ़ावा मिलेगा. इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को 4,100 वर्गमीटर एरिया में तैयार किया जा रहा है. एयरपोर्ट में फुटपाथ, एयर साइड का काम, टर्मिनल बिल्डिंग और शहरों की तरफ का काम किया जाएगा. पीक ऑवर में होलोंगी एयरपोर्ट की क्षमता 200 यात्रियों को हैंडल करने की होगी. इस ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के टर्मिनल बिल्डिंग में आठ चेक इन काउंटर होंगे. इसके अलावा यात्रियों को कई विश्वस्तरीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.

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    ईको फ्रेंडली होगा 'होलोंगी एयरपोर्ट'
    टर्मिनल बिल्डिंग का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाएगा ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा ऊर्जा संरक्षण हो सके यानि बिजली की खपत कम से कम होगी. इसके अलावा टर्मिनल बिल्डिंग में सस्टेनेबल लैंडस्‍केप के साथ-साथ रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगा होगा. यही नहीं एयरपोर्ट में एटीसी टॉवर कम टेक्निकल ब्लॉक, फायर स्टेशन, मेडिकल सेंटर और एविएशन से जुडे दूसरे कामों के लिए भी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. लोगों के लिए यह एयरपोर्ट नया अनुभव देगा. यहां आने वाली यात्री और दर्शक हिमालयी पहाड़ों का मनोरम दृश्य भी देख पाएंगे.

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    2022 तक तैयार हो जाएगा एयरपोर्ट
    पूर्वोत्‍तर भारत के इस खूबसूरत पहाड़ी राज्य में बन रहे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का काम नवंबर 2022 तक पूरा होने का अनुमान है. एयरपोर्ट बनाने के लिए अब तक मिट्टी की जांच और फील्ड सर्वे का काम हो चुका है. वहीं, साइट क्लियरिंग का काम तेजी से चल रहा है यानि सब-स्ट्रक्चर का काम पूरा हो गया. सुपरस्ट्रक्चर फ्रेबिकेशन का काम प्रगति पर है. बता दें कि अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के आसपास कोई एयरपोर्ट नहीं है. फिलहाल अरुणाचल प्रदेश से लोगों को हवाई यात्रा करने के लिए ईटानगर से 80 किमी दूर असम के लीलाबरी एयरपोर्ट जाना पड़ता है. यहां पहुंचने के लिए अरुणाचल प्रदेश के लोगों को सड़क के रास्ते 4 घंटे का सफर करना पड़ता है.undefined

    Tags: Airport, Arunachal pradesh, Aviation News, India-China border issue, India-China LAC dispute, India-China Rift, Ladakh Border Dispute

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