पहली​ तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा चालू खाता सरप्लस, रुपये के लिए अच्छी खबर लेकिन...

 पहली तिमाही में चालू खाता करीब 19.8 अरब डॉलर सरप्लस में रहा.
पहली तिमाही में चालू खाता करीब 19.8 अरब डॉलर सरप्लस में रहा.

Current Account Surplus : चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में चालू खाता करीब 19.8 अरब डॉलर सरप्लस में रहा. जानकारों का मानना है कि पहली तिमाही में लॉकडाउन की वजह से आयात कम हुआ है. हालांकि, उनका यह भी कहना है रुपये के लिए यह साकारात्मक खबर हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 4:39 PM IST
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नई दिल्ली. लॉकडाउन के समय में आयात पर भी प्रतिबंध होने की वजह से अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत के चालू खाते (Current Account) में इजाफा हुआ है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान भारत का चालू खाता 19.8 अरब डॉलर रहा. अब तक के किसी भी तिमाही में यह सबसे उच्चतम आंकड़ा है. किसी भी देश का चालू खाता ट्रेड, सर्विसेज, रेमिटेंसेज, टूरिज्म और डिविडेंड्स के रूप में कुल आउटफ्लो और इनफ्लो का अंतर होता है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चालू खाते में यह बढ़ोतरी इसलिए देखने को मिल रही है, क्योंकि भारत में लॉकडाउन के दौरान आयात कम रहा है.

एक्सिस बैंक (Axis Bank) के नीरज गंभीर ने कहा कि सरप्लस चालू खाते का संबंध देश की आर्थिक गतिविधियों (Economic Activities) से विपरित रूप में है. यह ठीक उसी तिमाही में सबसे ज्यादा रहा है, जब अर्थव्यवस्था की रफ्तार में करीब 24 फीसदी की गिरावट आई है.

पहली तिमाही में क्या रहे आयात और निर्यात के आंकड़े?
अप्रैल-जून तिमाही के दौरान, देश में 62.2 अरब डॉलर का सामान आयात हुआ है. जबकि, कुल निर्यात 52.3 अरब डॉलर का रहा. इसी वजह से व्यापार घाटा करीब 10 अरब डॉलर का रहा. तुलनात्मक रूप से देखें तो पिछले साल की सामान अवधि में कुल आयात 129.5 अरब डॉलर और निर्यात 82.7 अरब डॉलर रहा था. इस वजह से उस दौरान व्यापार घाटा 46.8 अरब डॉलर रहा था.
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सर्विस सेक्टर में स्थिति लगभग सामान्य रही. इस सेक्टर में कुल इनफ्लो 46.8 अरब डॉलर का रहा, जबकि आउटफ्लो 26.3 अरब डॉलर का रहा है, जिसकी वजह से करीब 20.5 अरब डॉलर सरप्लस रहा. प्राइमरी इनकम अकाउंट के तौर पर देश से बाहर जाने वाली रकम पिछले साल के 6.3 अरब डॉलर से बढ़कर 7.7 अरब डॉलर हो गई है. प्रमुख तौर पर यह विदेशी में निवेश के जरिए इनकम पेमेंट्स को लेकर होता है.

विदेशों में काम करने वाले कर्माचारियों को रेमिटेंस के तौर पर मिलने वाला भुगतान करीब 18.2 अरब डॉलर रहा है. पिछले साल की तुलना में देखें तो इसमें 8.7 फीसदी की गिरावट आई है.

इन सभी आंकड़ों को मिलाकर देखें तो देश में चालू खात वर्तमान में कुल क्रेडिट 122.4 अरब डॉलर का है. ज​बकि, डेबिट 102.6 अरब डॉलर का रहा है. इस प्रकार चालू खाता साकारात्मक दायरे में आकर 19.8 अरब डॉलर पर रहा.

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करंसी के लिए हो सकती है अच्छी खबर
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंद्रनील पाल ने CNBC-TV18 से कहा कि करंसी के लिहाज से यह एक अच्छी खबर है. लेकिन अर्थव्यवस्था में मांग के दृष्टिकोण से यह अच्छी खबर नहीं है. उन्होंने कहा कि व्यापारिक आयात में गिरावट की मुख्य वजह यह रही कि कच्चे तेल और सोने के आयात कम रहा है. इसके अलावा भी अन्य वस्तुओं के आयात में भी गिरावट आई है.

एक्सिस बैंक के गंभीर ने कहा कि करंसी मार्केट को पहले से ही सरप्लस चालू खाते का अनुमान था. इस आंकड़े से रुपये का अधिक लाभ नहीं मिलेगा.
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