सितंबर तिमाही में सुधार की राह पर भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: FICCI सर्वे

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उद्योग संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry) के एक सर्वेक्षण के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) सुधार की राह पर अग्रसर है.

  • भाषा
  • Last Updated: November 22, 2020, 10:02 PM IST
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नई दिल्ली. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) के लिए नियुक्तियों का परिदृश्य भले ही सुस्त हो लेकिन यह क्षेत्र जुलाई-सितंबर तिमाही में सुधार की राह पर अग्रसर है. उद्योग संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry) के एक सर्वेक्षण में इसकी जानकारी मिली.

एक तिमाही पहले की तुलना में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सुधार
फिक्की (FICCI) के द्वारा जारी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के हालिया तिमाही सर्वेक्षण के अनुसार, अधिक उत्पादन की बात कहने वाले प्रतिभागियों का प्रतिशत बेहतर हुआ है. इससे पता चलता है कि एक तिमाही पहले की तुलना में सितंबर तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सुधार की ओर अग्रसर है.

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सर्वेक्षण के अनुसार, जून तिमाही में 10 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अधिक उत्पादन की बात की थी.  सितंबर तिमाही में इनका प्रतिशत बढ़कर 24 हो गया. इनके साथ ही कम या समान उत्पादन की बात कहने वाले प्रतिभागियों का प्रतिशत इस दौरान 90 प्रतिशत से कम होकर 74 प्रतिशत पर आ गया.



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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नियुक्तियों का परिदृश्य इस दौरान कुछ सुधरा है, लेकिन यह अभी भी सुस्त बना हुआ है. सर्वेक्षण में शामिल 80 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा है कि वे अगले तीन महीने तक अतिरिक्त लोगों को काम पर नहीं रखने वाले हैं.

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव कुछ और क्षेत्रों के लिए भी
हाल ही में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा था कि सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (Production Linked Incentives) योजना लाएगी. फिक्की के कार्यक्रम में कुमार ने यह भी कहा था कि सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि हम जल्दी ही 9-10 और क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजना ला रहे हैं. सरकार पहले ही औषधि, चिकित्सा उपकरण, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण कंपनियों के लिए पीएलआई योजना ला चुकी है.
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