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रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा टैक्स कलेक्शन, सरकारी खजाने में आए 27.07 लाख करोड़ रुपये

टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर मोदी सरकार के लिए बड़ी राहत

टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर मोदी सरकार के लिए बड़ी राहत

कोरोना संकट के बावजूद पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में मोदी सरकार को टैक्स से रिकॉर्ड 27.07 लाख करोड़ रुपये कमाई हुई. रेवेन ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, पिछले वित्त वर्ष 2021-22 यानी अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक टैक्स कलेक्शन रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है. देश में कुल टैक्स कलेक्शन बीते वित्त वर्ष 2021-22 में रिकॉर्ड 27.07 लाख करोड़ रुपये रहा. डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में उछाल से कुल कलेक्शन बढ़ा है.

राजस्व सचिव तरुण बजाज ने शुक्रवार को कहा कि ग्रॉस टैक्स कलेक्शन अप्रैल 2021 से मार्च 2022 में 27.07 लाख करोड़ रुपये जबकि बजट में अनुमान 22.17 लाख करोड़ रुपये का था.

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 49 फीसदी उछला

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन इस दौरान 49 फीसदी उछलकर 14.10 लाख करोड़ रुपये रहा जो बजट अनुमान से 3.02 लाख करोड़ रुपये अधिक है. डायरेक्ट टैक्स के अंतर्गत इंडिविजुअल इनकम टैक्स और कंपनी टैक्स आता है.

इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 2021-22 में 30 फीसदी बढ़ा

बजाज ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी और कस्टम्स ड्यूटी समेत इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 2021-22 में 30 फीसदी बढ़कर 12.90 लाख करोड़ रुपये रहा जो बजट अनुमान से 1.88 लाख करोड़ रुपये अधिक है. बजट में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 11.02 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था.

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टैक्स-जीडीपी अनुपात बीते वित्त वर्ष में उछलकर 11.7 फीसदी पर पहुंच गया जो 2020-21 में 10.3 फीसदी था. यह 1999 के बाद सर्वाधिक है.

12 फीसदी की दर से बढ़ेगा कलेक्शन

वहीं, सरकार का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12 फीसदी की दर से बढ़कर 14.2 लाख करोड़ रुपये पहुंच जाएगा. नेट डायरेक्ट टैक्स के रूप में 15.6 लाख करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान है.

सरकार को खर्च करने में मिलेगी मदद

2022-23 के दौरान अगर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ज्यादा रहता है तो इससे सरकार को चालू वित्त वर्ष के लिए अधिक बफर मिलेगा. इसका मतलब है कि सरकार ज्यादा-से-ज्यादा खर्च कर सकेगी. इसके अलावा, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अगर वैश्विक स्तर कच्चे तेल और कमोडिटी की कीमतें ज्यादा बढ़ती हैं तो इससे मांग प्रभावित होगी. ऐसे में सरकार के पास ज्यादा पूंजी रहने से इन समस्याओं से निपटने में मद मिलेगी.

Tags: Direct tax

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