भारतीय सेना का बड़ा बयान! चीन समर्थित हैकर्स की धमकियाें से निपटने में अमेरिका की ली जाएगी मदद

चीन के साथ तकनीक काे पकड़ने पर गंभीरता से ध्यान देना हाेगा.

चीन के साथ तकनीक काे पकड़ने पर गंभीरता से ध्यान देना हाेगा.

रक्षा प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि हमें चीन के साथ तकनीक काे पकड़ने पर गंभीरता से ध्यान देना हाेगा. हाे सकता है कि हम पूरी तरह से ऐसा नहीं कर पाएं, इसलिए हम पश्चिमी देशाें के साथ सहयाेग लेने पर भी विचार कर रहे हैं.

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नई दिल्ली. भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारियाें (India’s top military official) का कहना है कि चीन समर्थित साइबर हमलाें (China-backed cyber-attacks) काे लेकर अमेरिका समेत अन्य देशाें से मदद ली जाएगी. रक्षा प्रमुख जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) ने बुधवार काे नई दिल्ली में एक सेमिनार के दौरान कहा कि भारत अपनी क्षमताओं काे विकसित करने के लिए दाैड़ रहा है. हम सैन्य प्रणाली उल्लघनाें काे लेकर अत्यधिक संवेदनशील हैं. पिछले महीने रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन की यात्रा के दाैरान इस मामले पर चर्चा हुई थी और साइबर स्पेस व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयाेग का निर्णय लिया गया था. रावत ने कहा कि हमें चीन के साथ तकनीक काे पकड़ने पर गंभीरता से ध्यान देना हाेगा. हाे सकता है कि हम पूरी तरह से ऐसा नहीं कर पाएंं, इसलिए हम पश्चिमी देशाें का सहयाेग लेने पर भी विचार कर रहे हैं.


पिछले साल हुए खूनी संघर्ष के बाद बढ़े साइबर हमले
अक्टूबर 2020 में मुंबई में हुए बड़े पावर-कट (Mumbai Power Outage) के साथ हाल में हुईं संदिग्ध साइबर घुसपैठ की जांच भी अधिकारी कर रहे हैं. इनमें बैकिंग सिस्टम और देश के प्रमुख नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में गड़बड़ हाेने की घटनाएं सामने आई थींं. अथॉरिटीज जांच कर रही हैं कि इन मामलों में चीन का हाथ ताे नहीं था. इस तरह के प्रयास पिछले साल भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिमालयी क्षेत्र में हुए खूनी संघर्ष के बाद से बढ़ गए हैं. 


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नई राष्ट्रीय रणनीति की जा रही है तैयार

भारत और चीन के सैनिक विवादित 3,488 किमी हिमालयी सीमा के साथ कई बिंदुओं पर राइफल रेंज में बने हुए हैं. चीनी घुसपैठ के आराेपाें के बीच साइबर सुरक्षा काे मजबूत करने के लिए भारत पहले से ही नई राष्ट्रीय रणनीति तैयार कर रहा है. यह प्लान गृह मंत्रालय, डिफेंस, सूचना मंत्रालय, नेशनल क्रिटिकल इन्फ़ॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रचर प्राेटेक्शन सेंटर के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है. इसमें ऐसे किसी भी अटैक की आशंका के लिए रणनीति हाेगीयूएस आधारित प्राइवेट साइबर सिक्याेरिटी फर्म रिकॉर्डेड फ्यूचर ने पिछले महीने कहा कि चीनी राज्य प्रायाेजित हैकर्स के साथ भारत के दस पावर ग्रिड के साथ-साथ दाे समुद्री बंदरगाहाें काे निशाना बना सकता है.

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