भारत हुरुन ग्‍लोबल यूनिकॉर्न-2020 की सूची में एक पायदान फिसला, टॉप पर है अमेरिका

भारत हुरुन ग्‍लोबल यूनिकॉर्न-2020 की सूची में एक पायदान फिसला, टॉप पर है अमेरिका
हुरुन ग्‍लोबल यूनिकॉर्न 2020 की सूची में भारत एक पायदान खिसक गया है.

हुरुन ग्‍लोबल यूनिकॉर्न-2019 की सूची में भारत (India) की 21 कंपनियां शामिल थीं. इस बार (Hurun Global Unicorns 2020 ) सूची में एक भी यूनिकॉर्न की संख्‍या नहीं बढ़ने के कारण भारत सूची में तीसरे से चौथे पायदान पर खिसक गया है. वहीं, अमेरिका (US) पहले और चीन (China) दूसरे स्‍थान पर काबिज हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 8:49 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. हुरुन ग्‍लोबल यूनिकॉर्न्‍स 2020 (Hurun Global Unicorns 2020) की सूची में भारत एक पायदान फिसलकर चौथे स्‍थान पर आ गया है. सूची में भारतीय कंपनी पेटीएम (Paytm) 16 अरब डॉलर के मूल्‍यांकन के साथ वैश्विक स्‍तर पर 13वें स्‍थान पर है. इसके अलावा 8-8 अरब डॉलर वाली ओयो (OYO) और वायजूस (Byju's) 31वें पायदान पर हैं. ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप स्विगी (Swiggy) और जोमैटो (Zomato) सूची में 96वें पायदान पर हैं. इन दोनों कंपनियों की वैल्‍यू 3.5-3.5 अरब डॉलर आंकी गई है.

इस साल भारतीय यूनिकॉर्न्‍स की संख्‍या में नहीं हुआ इजाफा
हुरुन ग्‍लोबल के मुताबिक, पिछले साल भारत की 21 कंपनियां सूची में शामिल थीं. यह संख्या चीन के मुकाबले 10 फीसद ही है. इस साल भारत से यूनिकॉर्न की संख्‍या में कोई इजाफा नहीं हुआ. वहीं, ब्रिटेन ने पिछले साल की अपनी संख्‍या में 11 नए यूनिकॉर्न की वृद्धि की और भारत को पीछे धकेलकर तीसरे स्‍थान पर कब्‍जा जमा लिया. ब्रिटेन के कुल 24 यूनिकॉर्न हैं. वहीं, चीन इस सूची में 227 यूनिकॉर्न के साथ दूसरे पायदान पर है. इस सूची में टॉप पर अमेरिका है. अमेरिका के 233 यूनिकॉर्न हैं. भारत की इन 21 यूनिकॉर्न स्तर की कंपनियों का कुल मूल्य 73.2 अरब डॉलर है.

ये भी पढ़ें- TikTok को खरीदने की तैयारी में हैं ये भारतीय CEO, हैदराबाद पब्लिक स्‍कूल के रहे हैं स्‍टूडेंट
सूची में शामिल 61 यूनिकॉर्न की स्‍थापना भारतीयों ने की


भारत के कुल 21 यूनिकॉर्न का मूल्‍यांकन पिछले साल से अब तक शामिल हुए चीन के 38 नए यूनिकॉर्न के 50 फीसदी से कुछ ज्‍यादा है. पिछले साल की सूची जारी होने के बाद से भारत में 3 कंपनियां नए यूनिकॉर्न में तब्‍दील हुईं. इनमें जेरोधा, फर्स्‍टक्राय और लेंसकार्ट शामिल हैं. इसके बाद भी भारत अपने कुल यूनिकॉर्न की संख्‍या में इजाफा नहीं कर पाया. हुरुन ग्‍लोबल की सूची में शामिल 40 यूनिकॉर्न ऐसे हैं, जिनकी स्‍थापना भारतीय मूल के उद्योगपतियों ने विदेश में की है. इनमें भी 36 कंपनियां अकेले अमेरिका में हैं. भारतीयों की विदेशों में स्थापित यूनिकॉर्न कंपनियों का कुल मूल्य 99.6 अरब डॉलर है. इन कंपनियों में सबसे अधिक मूल्य वाली कंपनी का नाम रॉबिनहुड है. इस वित्त प्रौद्योगिकी कंपनी का मूल्‍य 8.5 अरब डॉलर है.

ये भी पढ़ें- सेना की कैंटीन पर कोरोना की मार! बिक्री 50 फीसदी घटी, मांग लौटने में लग सकते हैं 6 महीने

सिंगापुर की कंपनी ने 3 भारतीय यूनिकॉर्न का किया अधिग्रहण
सिंगापुर की ई-कॉमर्स कंपनी Qoo10 ने पिछले साल हुरुन ग्‍लोबल की सूची जारी होने के बाद भारत की पहली यूनिकॉर्न मोबाइल एडवर्टाइजिंग कंपनी InMobi, ऑनलाइन क्‍लासीफाइड पोर्टल Quikr और ई-कॉमर्स मार्केटप्‍लेस ShopClues का अधिग्रहण कर लिया. इसलिए ये तीनों कंपनियां भारत के यूनिकॉर्न की सूची से बाहर हो गईं. वहीं, भारत के यूनिकॉर्न्‍स के कुल मूल्‍यांकन में भी 1 अरब डॉलर की कमी हो गई.

ये भी पढ़ें- लॉकडाउन में लोगों का पेट भरने को लुटा दी अपनी पूंजी, अब उन्‍हीं के लिए क्राउडफंडिंग से जुटाए गए 30 लाख रुपये

भारत की यूनिकॉर्न राजधानी है बेंगलुरु, 8 यूनिकॉर्न इसी शहर में
हुरुन ग्‍लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की यूनिकॉर्न राजधानी बेंगलुरु को कहा जा सकता है. इस शहर में भारतीयों की 8 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं. भारत में स्थित अधिकतर यूनिकॉर्न कंपनियां ई-कॉमर्स सेक्टर से हैं. किसी स्टार्टअप को यूनिकॉन स्तर तक पहुंचने में चीन में साढ़े पांच साल, अमेरिका में साढ़े छह साल और भारत में करीब सात साल लगते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज