सर्विस सेक्टर में आई तेजी, बिजनेस को लेकर सकारात्मक हुआ माहौल

पीएमआई सर्विसेज सेक्टर इंडेक्स 50 से ऊपर वृद्धि को दिखाता है.  जबकि इससे नीचे का आंकड़ा संकुचन यानी निगेटिव ग्रोथ होती

पीएमआई सर्विसेज सेक्टर इंडेक्स 50 से ऊपर वृद्धि को दिखाता है. जबकि इससे नीचे का आंकड़ा संकुचन यानी निगेटिव ग्रोथ होती

आईएचएस मार्किट के मासिक सर्वे के मुताबिक जनवरी में इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स चढ़कर 52.8 पर पहुंच गया. यह दिसंबर में 52.3 पर रहा था.

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  • Last Updated: February 3, 2021, 4:14 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस से देश का सेवा क्षेत्र (Service sector) उबरने लगा है. घरेलू मांग में तेजी की वजह से जनवरी में भी सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) की गतिविधियों में इजाफा हुआ. यह लगातार चौथा माह रहा जब सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिली. एक मासिक सर्वे में ऐसा कहा गया है.

आईएचएस मार्किट के मासिक सर्वे के मुताबिक जनवरी में इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स चढ़कर 52.8 पर पहुंच गया. यह दिसंबर में 52.3 पर रहा था. इसमें बढ़ोतरी का मतलब है कि आउटपुट में तेज सुधार के संकेत हैं. बिजनेस से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आने और कारोबार को लेकर सकारात्मकता बढ़ने से सर्विस सेक्टर में यह उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है.

गौरतलब है कि पीएमआई सर्विसेज सेक्टर इंडेक्स 50 से ऊपर वृद्धि को दिखाता है. जबकि इससे नीचे का आंकड़ा संकुचन यानी निगेटिव ग्रोथ को दिखाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, मार्केटिंग से जुड़ी कोशिशों, कुछ संस्थानों को दोबारा खोलने और डिमांड को मजबूती देने से सेल में बढ़ोत्तरी देखने को मिली.

हालांकि, महंगाई दर की बात की जाए तो जनवरी में भी लागत व्यय में लगातार सातवें महीने बढ़ोत्तरी देखने को मिली. सर्वे में शामिल कंपनियों ने ईंधन की ऊंची कीमतों और कई तरह के मेटेरियल्स के दाम में वृद्धि की सूचना दी है.
घरेलू बाजारों में ही देखने को मिली न्यू बिजनेस ग्रोथ

आईएचएस मार्किट में एसोसिएट डायरेक्टर (अर्थशास्त्री) पॉलियाना डि लीमा ने कहा, ''भारत के सर्विसेज सेक्टर में जनवरी में अच्छे स्तर पर गतिविधियां देखने को मिली. लगातार चौथे माह में नए बिजनेस वॉल्यूम और ग्रेथ रेट में बढ़ोत्तरी देखने को मिली.'' सर्वे के मुताबिक मुख्य रूप से घरेलू बाजारों में ही नया बिजनेस देखने को मिला क्योंकि एक्सपोर्ट से जुड़े नए कार्यों में कमी थी. ऐसा कई देशों द्वारा लागू यात्रा प्रतिबंधों को लागू करने और कोविड-19 की वजह से अंतरराष्ट्रीय डिमांड में कमी आने से हुआ है.

नौकरियों के मामले में नहीं सुधरे हैं हालात



लीमा के मुताबिक इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि लागत बढ़ने की वजह से कंपनियां अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति से बच रही हैं. इस वजह से रोजगार के मोर्चे पर लगातार दूसरे माह गिरावट देखने को मिली.

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