वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज करेंगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक, राहत पैकेज पर फैसला संभव

प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India) आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India) के साथ अहम बैठक करेंगी. इसमें अर्थव्यवस्था को लेकर उठाए कदमों की चर्चा होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 2:10 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आज शाम 6:30  बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम बैठक होने वाली है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में देश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा होगी. सूत्रों का कहना है 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के कितने फैसलों को अमल में लाया जा चुका है और उनका क्या असर दिख रहा है. इस पर आज चर्चा हो सकती है. आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कोरोनावायरस महामारी से उबरने के लिए मई महीने के दौरान 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत आर्थिक पैकेज की घोषणा की. इसमें आम लोग, कारोबारी और कंपनियों के लिए कई अहम कदम उठाए गए है.

राहत पैकेज पर भी हो सकता है विचार- आज की बैठक में आर्थिक कदमों की समीक्षा के साथ-साथ राहत पैकेज पर भी चर्चा हो सकती है. सूत्रों ने बाताया की मौजूदा फैसलों को आगे बढ़ाया जा सकता है. जैसे इमरजेंसी क्रेडिट विंडों को आगे बढ़ाया जा सकता है.

आपको बता दें कि  कोरोना काल में सरकार ने कई सेक्टरों के लिए जरूरी कदम उठाए. इनमें एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) भी शामिल है. आत्मनिर्भर राहत पैकेज में एमएसएमई के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लोन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) का ऐलान किया गया.



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इस स्कीम के तहत एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रु का लोन दिया जाना था. मगर स्कीम का लाभ लेने के लिए 31 अक्टूबर को डेडलाइन के तौर पर निर्धारित किया गया है.



इन सेक्टर्स के लिए आ सकता है राहत पैकेज-माना जा रहा है कि सरकार उन इंडस्ट्रीज के लिए राहत पैकेज जारी कर सकती है, जिन पर कोरोना वायरस (Coronavirus Crisis) महामारी की सबसे तगड़ी मार पड़ी है. इस पैकेज के तहत सरकार अर्बन प्रोजेक्ट्स (Urban Projects) के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर (Infra Sector) को बढ़ावा दे सकती है. वहीं, ज्यादातर सेक्टर के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड-इंसेंटिव्स (PLI) को विस्तार दिया जाएगा. इसके अलावा हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए सीधे मदद दी जा सकती है.
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