सोलर पॉवर इक्विपमेंट्स के आयात पर निर्भरता होगी कम, ADB कर रहा है भारत की मदद

केंद्र सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि साल 2030 तक कुल ऊर्जा उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 40 फीसदी होगी.
केंद्र सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि साल 2030 तक कुल ऊर्जा उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 40 फीसदी होगी.

केंद्र सरकार सौर्य ऊर्जा (Solar Energy) की मांग को पूरा करने के लिए ​अयात पर निर्भरता करने पर ज़ोर दे रही है. इसी क्रम में अवादा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (AEPL) को एशिया डेवलपमेंट बैंक (Asian Development Bank) से भी मदद मिल रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 9:20 PM IST
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नई दिल्ली. भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार चीन से आयातित हर एक वस्तु का उत्पादन देश में करने पर जोर दे रही है. ऊर्जा मंत्री आर के सिंह (R K Singh) ने भी कई मोर्चों पर कहा है कि सौर्य ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में एशियाई विकास बैंक (ADB- Asian Development Bank) ने एक भारतीय कंपनी अवादा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (AEPL - Avaada Energy Private Limited) के साथ करार किया है. दोनों पक्षों के बीच हुए करार के मुताबिक फोटोवोल्टिक सोलर एनर्जी उत्पादन क्षमता बढाने के लिए एडीबी 15 मिलियन डॉलर का कर्ज देगा. एडीबी द्वारा दिए जा रहे इस वित्तीय सहायता से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भारत में फोटोवोल्टिक सोलर एनर्जी का उत्पादन बढ़ेगा.

इससे पहले भी ADB ने AEPL को दी है वित्तीय सहायता
अप्रैल 2019 में भी एशियाई विकास बैंक ने AEPL कंपनी में 50 मिलियन डॉलर का निवेश कर चुकी है. दूसरे निवेश के तौर पर ADB आज अपने ऑर्डिनरी कैपिटल रिसोर्स और लीप यानी लीडिंग प्राइवेट इंफ्रास्ट्र्क्चर फंड से करार किया है. आपको बता दे कि लीप फंड की स्थापना साल 2016 में जापान इंटरनेशनल कॉपरेशन एजेंसी के तरफ से किया गया था.

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इस फंड को बनाने के पीछे मकसद था कि उच्च गुणवत्ता और संपोषणीय प्राइवेट सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को वित्त उपलब्ध कराया जाय. साल 2007 से ही भारत में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ADB मदद कर रहा है.शुरूआती में एडीबी पवन ऊर्जा प्रोजेक्टों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रहा था लेकिन बाद में सोलर प्रोजेक्टों (Solar Projects) और इससे जुड़े उत्पादन इकाईयों के लिए भी वित्त उपलब्ध करवा रहा है. ए़डीबी साल 2019 से 2030 तक 80 बिलियन डॉलर क्लाइमेट फाइनेंस करने को प्रतिबद्धता जाहिर की है.



ADB के मदद से भारत सरकार के इस मुहिम को मिलेगी धार
केंद्र सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि साल 2030 तक कुल ऊर्जा उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 40 फीसदी होगी. मोदी सरकार ने साल 2022 के अंत तक 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसमें पवन ऊर्जा से 60 गीगावाट,सौर्य ऊर्जा से 100 गीगावाट,बायोमास से 10 गीगावाट और लघु जल विद्युत परियोजनाओं से 5 गीगावाट शामिल है.

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देश में बढ़ेगी सौर्य ऊर्जा की मांग
भारत में साल 2035 तक सौर्य ऊर्जा की मांग 7 गुणा बढ़ने की उम्मीद है. भारत दुनिया में अमेरिका और चीन के बाद तीसरा सबसे बड़ा एनर्जी खपत वाला देश है. लंबें समय से भारत सोलर एनर्जी से जुडे उपकरणों का आयात करता आया है. लेकिन कोरोना वायरस और लॉक डाउन के दौरान पीएम ने हर एक सेक्टर के लिए आत्मनिर्भरता का आह्वाहन किया है. भारत ने साल 2018-19 में करीब 2.16 बिलियन डॉलर का सोलर फोटोवोल्टिक सेल पैनल और मॉड्यूल का आयात किया था.
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