त्योहारी सीजन में नहीं होगी आलू-प्याज की किल्लत, दाम भी रहेंगे कम, सरकार ने उठाया ये कदम

दिवाली से पहले प्याज आयात किये जाएंगे
दिवाली से पहले प्याज आयात किये जाएंगे

देशभर में आलू-प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने एक जरूरी कदम उठाया है. फिलहाल, प्याज और आलू की कीमतें स्थिर नजर आ रही है. इसके पहले भी सरकार ने प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2020, 12:13 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को कहा कि बढ़ती कीमतों के बीच 30,000 टन प्याज और आलू ​आयात (Onion and Potato Import) किए जाएंगे. केंद्र सरकार की तरफ से यह जानकारी एक ऐसे समय पर आई है, जब त्योहारी सीजन से ठीक पहले देशभर में सब्जियों के भाव लगातार बढ़ते दिख रहे हैं. बीते तीन दिन से देशभर में प्याज का औसत खुदरा भाव 65 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है. उन्होंने कहा कि देश में प्याज का आयात तुर्की, इजिप्ट और अफगानिस्तान से किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने पहले भी कीमतों को नियंत्रित करने और किफायत दायरे में लाने के लिए तत्परता से कदम उठाए हैं.

दिवाली से पहले आएंगे 25,000 टन प्याज
पीयूष गोयल ने कहा कि अब तक 7,000 टन प्याज आयात किए जा चुके हैं और दिवाली से ठीक पहले 25,000 टन आ जाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार प्रत्यक्ष तौर पर  प्याज का आयात नहीं कर रही है, बल्कि नाफेड (Nafed) बहुत जल्द प्याज आयात का प्रबंध कर जरूरतमंद राज्यों तक पहुंचाएगी. भारत में पहले ही बफर स्टॉक से करीब 37,000 टन प्याज उपलब्ध कराया जा चुका है.

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पहले भी सरकार ने उठाये ये कदम


केंद्रीय मंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' (Essential Commodities Act) को प्याज पर लागू कर दिया गया है. बीते 23 अक्टूबर को सरकार ने थोक विक्रेताओं को 25 टन और खुदरा विक्रेताओं के पास 2 टन से ज्यादा प्याज रखने की अनुमति नहीं दी है. साथ ही, व्यापारियों को मंडियो से प्याज खरीदने के बाद छंटाई और पैकिंग के​ लिए 3 दिन का समय तय किया गया है. प्याज के बीच की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने सरकार ने 29 अक्टूबर के बाद से इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है.

आलू भी आयात किए जाएंगे
गोयल ने कहा कि पिछले कुछ दिन से आलू के भाव भी 42 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास स्थिर है. उन्होंने कहा कि भुटान से 30,000 टन आलू आने वाले हैं. आलू पर इंपोर्ट ड्यूटी को 30 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है. यह 31 जनवरी 2021 तक के लिए लागू होगा और इसकी स्टॉक लिमिट 10 लाख टन तक की ही होगी. आलू आयात के लिए DGFT और DACFW आयातकों की मदद करेंगे.

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बीते ​3 दिन में देखें तो दालों की कीमतें भी स्थिर नजर आ रही है. मसूर दाल का भाव करीब 79.33 रुपये और तुर दाल 107.04 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर है.
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