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पेट्रोल पंप पर 1 अप्रैल से मिलेगा BSVI पेट्रोल और डीज़ल, जानिए क्या होगा पुरानी BSIV कार में डालने पर?

News18Hindi
Updated: March 3, 2020, 1:29 PM IST
पेट्रोल पंप पर 1 अप्रैल से मिलेगा BSVI पेट्रोल और डीज़ल, जानिए क्या होगा पुरानी BSIV कार में डालने पर?
1 अप्रैल से देश में सबसे साफ पेट्रोल-डीज़ल बिकेगा

1 अप्रैल से देशभर में BS6 एमिशन स्टैंडर्ड (BS6 Emmission Standard) को देशभर में लागू कर दिया जाएगा. इस के लिए वाहन मैन्युफैक्चरर्स से लेकर तेल कंपनियां भी तैयार है. लेकिन, आम लोगों के मन में पुराने और नए एमिशन स्टैंडर्ड को लेकर कई सवाल हैं.

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नई दिल्ली. बीते एक साल से देश के ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में लगातार संकट का दौर देखने को मिला है. भारत की आर्थिक सुस्ती की पीछे एक बड़ा वजह यह भी बताया गया कि ऑटो सेक्टर में का दौर चल रहा है. इसी बीच अब प्रदूषण के स्तर का देखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि 1 अप्रैल 2020 से BS6 एमिशन स्टैंडर्ड (BS6 Emmision Standard) को लागू किया जाएगा. प्रमुख तेल उत्पादन कंपनियां भी नए BS6 इंजन के लिए अपने रिफाइनरीज़ को अपग्रेड कर BS6 ईंधन उपलब्ध कराने के लिए तैयारी है. साथ ही मोटर व्हीकल कंपनियां भी इसके लिए तैयारियों जुटी हुई हैं. वर्तमान में BS4 एमिशन स्टैंडर्ड लागू है. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने BS5 एमिशन स्टैंडर्ड को छोड़कर BS6 को लागू करने का फैसला लिया है. ऐसे में BS6 स्टैंडर्ड को लेकर आम लोगों के मन में कई तरह की बातें हैं, जिनके बारे में हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं...

आमतौर पर माना जाता है कि जिस ईंधन में सल्फर (Sulphur Content in Fuel) की मात्रा जितनी कम होगी, वो ईंधन उतना ही साफ और प्रदूषण के लिहाज से बेहतर होगा. सल्फर कम होने की वजह से ईंधन के उत्सर्जन में NOx और कार्बन मोनाऑक्साइड (CO) और हाइड्रोकॉर्बन की मात्रा कम होगी. रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि BS4 ईंधन में 50 फीसदी पार्टिकुलेट मैटर पाया जाता है. हालांकि, ईंधन की सल्फर कंटेट की मात्रा होना भी एफिसिएंसी के लिए जरूरी होता है.

CNG कारों पर क्या होगा BS6 का असर?
BS6 ईंधन से चलने वाली डीजल व पेट्रोल इंजन कारों में मैन्युफैक्चरर्स को मामूली बदलाव करना होगा. हालांकि, नए वाहनों को पहले से ही CNG के आधार पर तैयार किया जा रहा है. कई दिग्गज ऑटो कंपनियां तो पहले इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड व्हीकल्स पर भी ध्यान देने लगी हैं.



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क्या होगा जब आप BS4 कार में BS6 ईंधन का इस्तेमाल करेंगे?
अगर आपके पास BS4 इंजन वाली कार है तो भी आप इसमें BS6 ईंधन का प्रयोग कर सकते हैं. आमतौर पर, ईंधन में सल्फर ल्यूब्रिकेंट (Lubricant) की तरह काम करता है. इसी को ध्यान में रखते हुए BS6 ईंधन में अतिरिक्त एडि​टिव्स होंगे जो कि इंजन में ल्यूब्रिकेंट का काम हो सके.

क्या BS6 इंजन BS4 ईंधन पर काम करेगा?
उत्सर्जन स्तर का स्तर तभी मेंटेन किया जा सकेगा, जब BS6 इंजन में BS6 ईंधन का ही प्रयोग किया जाए. अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो प्रदूषण के लिहाज से कोई फायदा नहीं है. हालांकि, एक BS6 इंजन की कार BS6 ईंधन पर काम कर सकती है. लेकिन, यह BS6 एमिशन स्टैंडर्ड के अनुपालन में नहीं होगा.

क्या है BS6 ईंधन महंगा होगा?
नए स्टैंडर्ड के आधार पर ईंधन बनाने के लिए तेल रिफाइनरी कंपनियों को अपनी रिफाइनरीज को अपग्रेड करना पड़ा है. इस अपग्रेडेशन पर होने वाले खर्च का कुछ बोझ​ रिटेल कस्टमर्स पर डाला जाएगा. कई प्रमुख कंपनियों ने इस बारे में जानकारी दी है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि BS6 स्टैंडर्ड वाले ईंधन की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी ही होगी.



 

क्या आप अपनी पुरानी कार को BS6 स्टैंडर्ड के लिए कन्वर्ट कर सकते हैं?
किसी पुराने वाहन को BS6 स्टैंडर्ड के लिए कन्वर्ट किया जाता सकता है. लेकिन, इसका खर्च बहुत अधिक होता है. साथ ही भारत में ऐसा करना गैरकानूनी है.

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BS5 को BS6 स्टैंडर्ड क्यो लागू किया जा रहा?
भारत में सबसे पहले साल 2000 में एमिशन स्टैंडर्ड लागू किया गया था. BS2 को 2005 में और BS6 को 2010 में लागू किया गया था. BS4 को साल 2017 में लागू किया. लेकिन, प्रदूषण के स्तर पर और लंबे गैप को देखते हुए BS5 को छोड़ने का फैसला किया गया.

क्या BS4 वाहनों के लिए पालुशन सर्टिफिकेट की जरूरत होगी?
हां, भारतीय रोड पर चलने वाले BS4 इंजन वाले वाहनों को पॉलुशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (Pollution Under Control Certificate) की जरूरत होगी. इसका प्रावधान मोटर व्हीकल एक्ट में भी है.



2020 के बाद BS4 वाहनों का क्या होगा?
1 अप्रैल 2020 के बाद BS4 वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग और रिजस्ट्रेशन पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. हालांकि, पुराने BS4 वाहनों को चलाने की अनुमति होगी. अभी तक इसे बंद किए जाने के बारे में कोई डेडलाइन तय नहीं की गई है.

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कार की परफॉर्मेंस पर क्या अंतर होगा?
BS6 वाहनों में लगने वाला इंजन BS4 की तुलना में साफ होगा. नए इंजन में एक्जॉस्ट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए नए कम्पोनेन्ट लगाया जा रहा है. इससे कार की परफॉर्मेंस में मामूली अंतर होगा. यही कारण है कि कई मैन्युफैक्चरर्स ऐसे इंजन बनाने पर जोर दे रहे जो कि परफॉर्मेंस, Efficiency और उत्सर्जन के लिहाज से बेहतर हों.

वाहनों के माइलेज पर क्या असर होगा?
दोनों इंजन में तुलना करने पर माइलेज में मामूली अंतर होगा. टेस्टिंग के दौरान BS6 इंजन वाली Maruti Dzire का माइलेज 21.21 किलोमीटर प्रति लीटर था. जबकि, BS4 वाले इंजन के साथ यह 22 किलोमीटर प्रति लीटर था. इस प्रकार, दोनों इंजन वाली वाहनों के माइलेज में मामूली अंतर होगा.

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First published: March 3, 2020, 1:20 PM IST
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