मोदी और ट्रंप के बीच बढ़ी दोस्ती तो आम आदमी की जरूरत की ये चीजें फिर हो जाएंगी सस्ती!

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ा झटका दिया है. लेकिन इस सूरत में फिर बदल जाएगे हालात.

News18Hindi
Updated: June 3, 2019, 10:55 AM IST
मोदी और ट्रंप के बीच बढ़ी दोस्ती तो आम आदमी की जरूरत की ये चीजें फिर हो जाएंगी सस्ती!
ट्रंप-मोदी
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Updated: June 3, 2019, 10:55 AM IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ा झटका दिया है. अमेरिका ने भारत को 44 साल पहले मिला कारोबारी वरीयता का दर्जा वापस ले लिया है. आपको बता दें कि अमेरिका के 5.6 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात के लिए प्रेफरेंशल बेनेफिट्स वापस लेने का यह मतलब नहीं है कि जीएसपी (जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस) स्कीम खत्म हो गई है. अगर इसको यूएस दोबारा शुरू कर देता है तो आम आदमी की जरूरत की कुछ चीजें फिर सस्ती हो जाएंगी, जो GSP लगाने के बाद अभी महंगी मिलेंगी.

इकॉनोमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक भारतीय अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका ने पहले भी दूसरे देशों के साथ ऐसा किया है की उसने पहले जीएसपी वापस ली हो फिर से उसे बहाल कर दिया हो. एक्सपर्ट का मानना है कि हमें यह नहीं मानना चाहिए कि अमेरिका ने भारत के लिए जीएसपी को खत्म कर दिया है. दूसरे देशों के मामले में पहले उसने वापस लेने के बाद जीएसपी को बहाल किया था. अमेरिका का कहना है कि भारत उसे अपने मार्केट का वाजिब एक्सेस देने को लेकर आश्वस्त नहीं कर पाया, इसलिए जीएसपी को वापस लेने का निर्णय लिया गया.

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इससे पहले इन देशों से GSP वापस लेकर फिर शुरू की देना 

अमेरिका ने पहले अर्जेंटीना, लाइबेरिया और म्यांमार जैसे देशों से वापस लेने के बाद जीएसपी को बहाल कर दिया था. इन देशों के मामले में उसने कहा था कि मार्केट एक्सेस के मामले में उन्होंने पर्याप्त सुधार किया है, इसलिए वह जीएसपी को बहाल कर रहा है. अधिकारी ने बताया कि अमेरिका पहले कुछ देशों के लिए जीएसपी बहाल कर चुका है. उसने अर्जेंटीना के लिए यह सुविधा बंद कर दी थी, लेकिन बाद में उसे जीएसपी देने का फैसला किया.

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भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड पैकेज को लेकर चल रही है बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड पैकेज को लेकर जो बातचीत चल रही थी, जीएसपी उसका अहम हिस्सा था. अमेरिका के जीएसपी वापस लेने का ऐलान करने के बाद यह बातचीत टूट गई थी. भारत ने अमेरिका के जीएसपी वापस लेने पर अफसोस जताया है. उसने देशहित की रक्षा की बात कही है. इसके साथ भारत ने यह भी कहा कि वह अमेरिका के साथ रिश्तों को मजबूत बनाने पर ध्यान देगा और मौजूदा विवादों का हल निकालने की कोशिश करेगा. इसके साथ भारत ने फिर से 29 अमेरिका सामानों पर टैरिफ बढ़ाने की समयसीमा बढ़ाकर 16 जून कर दी है.

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दोनों देशों के हितों के बीच संतुलन साधना जरूरी: एक्सपर्ट
भारत ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या वह जीएसपी को बहाल करने की मांग करेगा? अधिकारी ने बताया, ‘हम इस बारे में सोचेंगे. हमें पता है कि अमेरिका क्या चाहता है. कुछ ऐसे मामले हैं, जिनमें हम देशहित से समझौता नहीं कर सकते. हमें दोनों देशों के हितों के बीच संतुलन साधना होगा.’ एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने भारत में मेडिकल डिवाइसेज की कीमतें सीमित करने पर सवाल उठाया है, लेकिन देश के लोगों को वाजिब कीमत पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमें इन दोनों के बीच तालमेल बिठाना होगा.

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इन सेक्टर्स पर होगा असर
इससे सबसे ज्यादा असर ऑटो और टेक्सटाइल सेक्टर पर पड़ने की आशंका है. डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत ने अमेरिका को अपने बाजार तक समान और तर्कपूर्ण पहुंच देने का आश्वासन नहीं दिया है. इसी वजह से उन्होंने प्रेफरेंशियल टैरिफ खत्म करने का फैसला लिया है. ये फैसला मई के पहले हफ्ते में ही लागू होने वाला था लेकिन फिर ट्रंप प्रशासन ने भारत में नई सरकार के आने तक के लिए फैसले को टाल दिया और अब ये 5 जून से लागू हो जाएगा.
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