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Crude Oil: भारत अपने रणनीतिक भंडार से निकाल सकता है कच्चा तेल, अमेरिका ने दिया सुझाव

Crude Oil: भारत अपने रणनीतिक भंडार से निकाल सकता है कच्चा तेल, अमेरिका ने दिया सुझाव

भारत रणनीतिक तेल भंडार से कच्चे तेल निकालने की संभावनाओं पर गौर कर रहा है

भारत रणनीतिक तेल भंडार से कच्चे तेल निकालने की संभावनाओं पर गौर कर रहा है

भारत भी कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तर्ज पर अपने रणनीतिक तेल भंडार से कच्चे तेल निकालने की संभावनाओं पर गौर कर रहा है. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि भारत अपने रणनीतिक तेल भंडार से निकासी के तौर-तरीकों पर काम कर रहा है.

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    नई दिल्ली. दुनियाभर में कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों से कई देश अपने स्तर पर इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रहे हैं. भारत भी कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तर्ज पर अपने रणनीतिक तेल भंडार से कच्चे तेल निकालने की संभावनाओं पर गौर कर रहा है. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि भारत अपने रणनीतिक तेल भंडार से निकासी के तौर-तरीकों पर काम कर रहा है. हालांकि, सरकार ने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं तय की है.

    एक अधिकारी ने अपना नाम बताने की शर्त पर कहा कि सरकार इस संबंध में प्रमुख तेल उपभोक्ता देशों के संपर्क में बनी हुई है. उन्होंने कहा कि रणनीतिक भंडार से तेल की निकासी दूसरे देशों के साथ तालमेल बनाकर की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस संबंध में मंगलवार को घोषणा हो सकती है.

    अमेरिका ने दिया था सुझाव
    अमेरिका ने तेल निर्यातक देशों के समूह ओपेक द्वारा कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने का अनुरोध ठुकराए जाने के बाद दुनिया के प्रमुख तेल उपभोक्ता देशों से अपने रणनीतिक भंडार से कुछ तेल निकालने का सुझाव दिया है. चीन पहले से ही बोर्ड में है जबकि जापान अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. यदि चीन, जापान, भारत, दक्षिण कोरिया और अमेरिका एक समन्वित रिलीज के लिए सहमत होते हैं, तो यह तेल बाजार के इतिहास में इस तरह का पहला उदाहरण होगा.

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    भारत दुनिया का तीसरा बड़ा तेल उपभोक्ता देश
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत पर काफी असर पड़ा है. दुनिया का तीसरा बड़ा तेल उपभोक्ता देश होने से भारत को अपनी विदेशी मुद्रा का एक बड़ा हिस्सा तेल आयात पर खर्च करना पड़ रहा है. अमेरिकी कदम के बाद ब्रेंट क्रूड के भाव 78.72 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गए हैं जो दस दिन पहले तक 81.24 डॉलर प्रति बैरल पर थे. भारत के पास 53.3 लाख टन का कच्चे तेल का रणनीतिक तेल भंडार है.

    प्रत्येक देश के रणनीतिक भंडार से जारी तेल की मात्रा बहुत बड़ी नहीं हो सकती है, लेकिन दुनिया के शीर्ष उपभोक्ताओं द्वारा सिंक्रनाइज़ कार्रवाई ओपेक को एक मजबूत संकेत देगी.

    Tags: Business news in hindi, Crude oil, Crude oil prices, Fuel prices in India

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