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डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले ने भारत के लिए खड़ी की मुसीबत, जानिए क्या होगा असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर दी धमकी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर दी धमकी.

अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल पर हवाई हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों  (Crude Oil Prices) में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2020, 1:29 PM IST
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नई दिल्ली. अमेरिका (America) द्वारा ईरानी जनरल को हवाई हमले में मार गिराए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. अमेरिका द्वारा इस हमले का असर अब भारतीय एयरलाइन्स (Indian Airlines) पर पड़ सकता है, जो पहले से ही घाटे में ऑपरेट कर रही हैं. एयरलाइन अधिकारियों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से एक-दो विमान कंपनियों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है.

वॉर की आशंका में कम हो सकता है ट्रैवल डिमांड
लाइवमिंट की एक रिपोर्ट में विमान कंपनी की अधिकारियों के लिए हवाले से लिखा गया है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी रहता है और इस बीच कच्चे तेल (Crude Oil) का भाव 70-72 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाता है तो इस बात की अधिक संभावना है कि कम से कम एक विमान कंपनी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. इस अधिकारी ने कहा कि यह एक बड़ी चिंता है. किसी भी वॉर की आशंका में ट्रैवल डिमांड (Travel Demand) भी घट जाता है.

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4 फीसदी तक बढ़ चुके हैं कच्चे तेल के दाम


गौरतलब है​ कि शुक्रवार को अमेरिका द्वारा इस अटैक के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी तक इजाफा हुआ. भारतीय विमान कंपनियों का एक तिहाई खर्च जेट ईंधन पर होता है. इसके पहले जब कच्चे तेल का भाव 65-66 डॉलर प्रति बैरल के करीब था तब भी इन घरेलू विमान कंपनियों के लिए परेशानियां खड़ी हो गई थी.



 

बता दें कि पिछले साल अप्रैल महीने में जेट एयरवेज (Jet Airways) का संचालन बंद होने के बाद भी अन्य विमान कंपनियों को इसका कुछ खास लाभ नहीं मिला था. कई कंपनियों ने अपनी क्षमता बढ़ाने के बाद किराए में कटौती किया था. इसका असर उनकी वित्तीय हालत पर भी पड़ा.

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इंजन बदलने की वजह से भी कंपनियों को वित्तीय परेशानी
इंडिगो (Indigo) और गोएयर (Go Airways) के खर्च में इसलिए भी इजाफा हुआ क्योंकि उन्हें Airbus 320Neo एयरक्राफ्ट के लिए Pratt and Whitney (P&W) engines को बदलना पड़ा है. स्पाइसजेट को Boeing 737MAX एयरक्राफ्टी डीलिवरी में देरी होने से परेशानी हुई.

वित्त वर्ष 2020 में हो सकता है 4273 करोड़ का घाटा
एक अनुमान के मुताबिक, भारतीय एयरलाइन्स को वित्त वर्ष 2020 में करीब 4,273 करोड़ रुपये का घाटा होने वाला है. इसके पहले वित्त वर्ष में उन्हें 3,561 करोड़ रुपये से लेकर 4,985 करोड़ रुपये मुनाफा हुआ था. यह अनुमान कच्चे तेल की कीमतों को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है.

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