खुशखबरी! इस फील्ड के स्‍टार्टअप्‍स को मौका दे रही है Indian Army

सांकेतिक तस्वीर

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भारतीय सेना के एक विंग ने स्टार्टअप्स के साथ मिलकर 13 खास प्रोजेक्ट्स पर काम कर कर रही है. ये प्रोजेक्ट्स ड्रोन, काउंटर ड्रोन, रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस सिस्टम्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग, नैनोटेक्नोलॉजी और मेडिकल एप्लिकेशन से जुड़े हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 2:26 PM IST
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नई दिल्ली. कुछ खास फील्ड में उभरते हुए स्‍टार्टअप्‍स तक भारतीय सेना अपनी पहुंच बना रही है. सेना का यह कदम पीएम नरेन्द्र मोदी के आत्‍मनिर्भर भारत अभियान में मदद करेगा. इसी के चलते सेना की एक विंग ने हाल ही में एक वेबिनार का आयोजन किया था. सेना के साथ मिलकर कारोबार करने के इच्छुक 89 स्टार्टअप्स से जुड़े युवाओं ने इसमे हिस्सा लिया. अपनी-अपनी फील्ड के प्रोजेक्ट की प्रस्तुति दी. खुशखबरी की बात यह है कि 13 खास प्रोजेक्ट को सेना ने चुन लिया है. अब सेना उस पर विचार कर रही है. सेना की दूसरी विंग हर तरीके से उन प्रोजेक्ट को परख रही हैं.

सेना ने इन प्रोजेक्ट को वेबिनार में किया पसंद

इस वेबिनार से जुड़े जानकारों ने बताया कि वैसे तो इस वेबिनार में 89 प्रोजेक्ट रखे गए थे, लेकिन सेना ने अभी इसमे से सिर्फ 13 खास प्रोजेक्ट को आगे के लिए चुना है. यह प्रोजेक्ट हैं, ड्रोन, काउंटर ड्रोन, रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस सिस्टम्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग, नैनोटेक्नोलॉजी और मेडिकल एप्लिकेशन से जुड़े हैं. एक स्टार्टअप्स को भी सेना ने आगे के विचार के लिए चुना है.

आर्मी डिज़ाइन ब्यूरो (ADB) द्वारा आयोजित इस वेबिनार में व्‍यापक प्रतिक्रिया प्राप्‍त हुई. सभी 13 प्रोजेक्ट को भारतीय सेना के लिए उनकी व्यवहारिकता और उपयुक्‍तता के आधार पर आगे के परीक्षण के लिए छांटा गया है. सेना मुख्यालय और सेना प्रशिक्षण कमान के संभावित उपयोगकर्ता और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी इस वेबिनार में भाग लिया.
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स्टार्टअप्स के बारे में यह बोले सेना के अफसर

वेबिनार के मौके पर भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एसएस हसबनीस ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने रक्षा उद्योग, विशेष रूप से स्टार्टअप्स का, उभरती और उच्‍च प्रौद्योगिकियों में निवेश करने का आह्वान किया. उन्‍होंने स्टार्टअप्स को यह भी आश्वासन दिया कि भारतीय सेना सह-विकासशील नवाचारों और प्रौद्योगिकियों में उनकी सहायता और मदद करेगी, जो सेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ा सकती है.
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