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इस बैंक में है खाता तो हो जाएं खुश, 3 जनवरी से कम हो जाएगी आपकी EMI!

3 जनवरी 2020 से इंडियन बैंक एमसीएलआर में करेगा बदलाव
3 जनवरी 2020 से इंडियन बैंक एमसीएलआर में करेगा बदलाव

इंडियन बैंक ने MCLR में बदलाव करने का घोषणा किया है. बैंक ने कहा है कि इसे 3 जनवरी से लागू भी कर दिया जाएगा.

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नई दिल्ली. इंडियन बैंक ने विभिन्न परिपक्वता अवधि वाले ऋण पर कोष की सीमांत लागत आधारित दर (MCLR) में बदलाव की सोमवार को घोषणा की. नई दरें तीन जनवरी से लागू होंगी. बैंक ने बॉम्बे शेयर (BSE) बाजार को बताया, "एक दिन की परिपक्वता अवधि वाले कर्ज के MCLR को 7.95 प्रतिशत से संशोधित करके 7.90 प्रतिशत किया गया है.

हालांकि, एक महीने के कर्ज का एमसीएलआर मौजूदा समय में आठ प्रतिशत से बढ़कर 8.05 प्रतिशत कर दिया गया है.

इसी प्रकार , तीन महीने की परिपक्वता अवधि के लिए MCLR 8.15 प्रतिशत होगा. छह महीने के कर्ज के लिए MCLR 8.25 प्रतिशत से कम कर 8.20 प्रतिशत किया गया है. बैंक ने कहा कि एक साल की अवधि वाले कर्ज के लिए MCLR 8.30 प्रतिशत किया गया है.



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कैसे तय होता है MCLR?
मार्जिनल का मतलब होता है- अलग से या अतिरिक्त. जब भी बैंक लेंडिंग रेट तय करते हैं, तो वे बदली हुई स्थ‍ितियों में खर्च और मार्जिनल कॉस्ट को भी कैलकुलेट करते हैं. बैंकों के स्तर पर ग्राहकों को डिपॉजिट पर दिए जाने वाली ब्याज दर शामिल होती है. MCLR को तय करने के लिए चार फैक्टर को ध्यान में रखा जाता है. इसमें फंड का अतिरिक्त चार्ज भी शामिल होता है. निगेटिव कैरी ऑन CRR भी शामिल होता है. साथ ही, ऑपरेशन कॉस्ट औक टेन्योर प्रीमियम शामिल होता है.

पुराने कस्‍टमर को भी होता है फायदा
MCLR फॉर्मूले का फायदा नए कस्टमर के साथ ही पुराने कस्‍टमर को भी मिलता है. जिस कस्‍टमर ने MCLR बदलने से पहले लोन लिया है और उसका लोन लेंडिंग रेट फॉर्मूले से जुड़ा हुआ है, तो MCLR घटने के साथ ही उसकी EMI कम हो जाती है.

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