टेस्ला के ऐलान के बाद भारत में भी बिटकॉइन खरीदी वाल्यूम में चार गुना इजाफा, लेकिन एक्सचेंज नए कानून से परेशान

बिटकॉइन के नए खरीदारों की संख्या में 60% उछाल देखा गया है.

बिटकॉइन के नए खरीदारों की संख्या में 60% उछाल देखा गया है.

टेस्ला के ऐलान के महज 24 घंटे के भीतर भारत में इंडियन क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में बिटकॉइन खरीदी के वॉल्यूम में चार गुना उछाल आ गया है. हालांकि एक्सचेंज और ट्रैडर्स भारतीय संसद में पेश होने वाले नए कानून से दुविधा में है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 10, 2021, 6:39 PM IST
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नई दिल्ली. क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) बिटकॉइन (Bitcoin) एक बार फिर चर्चा में है. दुनिया के सबसे अमीर शख्सों में से एक एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी टेस्ला (Tesla) ने 1.5 बिलियन डॉलर के बिटकॉइन खरीदने और इसे भुगतान के रूप में स्वीकारने का फैसला लिया है. इस ऐलान के महज 24 घंटे के भीतर भारत में क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में बिटकॉइन खरीदी के वॉल्यूम में चार गुना उछाल आ गया है. हालांकि एक्सचेंज भारतीय संसद में पेश होने वाले नए कानून से दुविधा में है. इस नए कानून में बिटकॉइन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है.

मुंबई स्थित क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज व प्लेटफॉर्म वजीरएक्स के संस्थापक निश्चल शेट्टी ने एक ट्वीट पर जानकारी दी है कि टेस्ला की घोषणा के बाद लेनदेन में 300% वृद्धि हुई है. इसके चलते वजीरएक्स पर रुपए क्रेडिट करने में देरी हो रही है. शेट्‌टी ने कहा कि हर मिनट में भारी मात्रा में रुपए जमा कर बिटकॉइन के आवेदन आ रहे हैं। इसलिए शेट्‌टी ने सबसे धैर्य रखने की अपील की है. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बेंगलुरु स्थित कॉइनस्विच कुबेर के चीफ बिजनेस ऑफिसर शरण नायर ने कहा कि टेस्ला की घोषणा के बाद लेनदेन की मात्रा दैनिक औसत वॉल्यूम की तुलना में दोगुनी हो गई है. वाल्ड के सीईओ दर्शन बथिजा ने भी कहा कि उनके प्लेटफॉर्म पर लेनदेन दोगुने से ज्यादा बढ़ गया है. उनके मुताबिक नए खरीदारों की संख्या में 60% उछाल देखा गया है. जबकि बिटकॉइन बेचने वाले यूजर सिर्फ 20% है. वॉल्ड के प्लेटफार्म पर बीते 24 घंटों में 10 मिलियन डॉलर का लेनदेन हुआ है. जबकि इससे पहले का दैनिक औसत 4-5 मिलियन डॉलर का था.

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दुनिया क्रिप्टोकरेंसी पर पॉजिटिव पर भारत विरोध में
बाथिजा ने कहा कि जब बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजार क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन पर सकारात्मक हैं तो भारत ने पूर्ण विपरीत रुख अपना लिया है. पूरी दुनिया में क्रिप्टोकरेंसी कोई भी सेंट्रल बैंक जारी नहीं करता है. लेकिन भारत में नए बिल के तहत खुद की क्रिप्टो जारी करने का विचार है. बिल में निजी क्रिप्टोकरेंसी को परिभाषित ही नहीं किया गया है. इससे भारतीय व्यापारी दुविधा में है.

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सरकार का तर्क, सेबी और आरबीआई के पास रिकॉर्ड रखने की दिक्कत



वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया है कि सरकार जल्द ही क्रिप्टोकरेंसी पर एक विधेयक लाने जा रही है. उनके मुताबिक मौजूदा कानून क्रिप्टो से जुड़े कानूनी मुद्दों से निपटने के लिए अपर्याप्त हैं. राज्यसभा में एक सवाल पर ठाकुर ने कहा कि आरबीआई जैसे नियामक निकाय और सेबी के पास क्रिप्टोकरेंसी को सीधे विनियमित करने के लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है.

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एक लाख डॉलर तक जा सकती है बिटकॉइन की वैल्यू

बिटकॉइन (Bitcoin) की वैल्यू इस साल के अंत तक 1,00,000 डॉलर तक दोगुना हो सकती है, ऐसा कहना है क्रिप्टोकरेंसी निवेश फर्म गैलेक्सी डिजिटल के संस्थापक माइकल नोवग्रात्ज (Michael Novogratz) का. उन्होंने ब्लूमबर्गक्विंट को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ज्यादातर कंपनियां खरीद के लिए बिटकॉइन के इस्तेमाल को मंजूरी दे रही हैं. इसलिए बिटकॉइन की कीमतों में बढ़ोतरी होगी. क्रिप्टो निवेशक नोवग्रात्ज ने कहा कि टेस्ला के फैसलों का बिटकॉइन के बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा. रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा कहा गया कि अमेरिका की हर कंपनी आने वाले समय में ऐसा ही करेंगी. युवा पीड़ी भविष्य में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल को बढ़ावा देगी। टेस्ला के इस डिजिटल करेंसी में 1.5 अरब डॉलर के निवेश के बाद बिटक्वाइन (Bitcoin) सोमवार को 43,000 डॉलर के भाव पर पहुंच गया है.

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