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ग्लोबल इंडेक्स में शामिल होने के बहुत करीब भारतीय बॉन्ड, इस बजट से बड़ी आस

ग्लोबल इंडेक्स में शामिल होने के बहुत करीब भारतीय बॉन्ड, इस बजट से बड़ी आस

भारतीय बॉन्ड्स (Indian bonds) जल्द ही ग्लोबल इंडेक्सेज (Global indexes) में नज़र आ सकते हैं, क्योंकि भारत सरकार फरवरी 2022 में पेश होने वाले आम बजट में कुछ टैक्स रियायतों का ऐलान कर सकती है.

भारतीय बॉन्ड्स (Indian bonds) जल्द ही ग्लोबल इंडेक्सेज (Global indexes) में नज़र आ सकते हैं, क्योंकि भारत सरकार फरवरी 2022 में पेश होने वाले आम बजट में कुछ टैक्स रियायतों का ऐलान कर सकती है.

भारतीय बॉन्ड्स (Indian bonds) जल्द ही ग्लोबल इंडेक्सेज (Global indexes) में नज़र आ सकते हैं, क्योंकि भारत सरकार फरवरी 2022 में पेश होने वाले आम बजट में कुछ टैक्स रियायतों का ऐलान कर सकती है. इस मसले से जुड़े लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर ये बात कही है. उनका कहना है कि अभी तक ये पूरा प्लान प्राइवेट है और सरकारी तंत्र के बाहर किसी को आधिकारिक रूप से इसके संबंध में बताया नहीं गया है. कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन यूरोक्लीयर सेटलमेंट (Euroclear Settlement) को टैक्स में छूट का प्रस्ताव रख सकती हैं.

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    नई दिल्ली. भारतीय बॉन्ड्स (Indian bonds) जल्द ही ग्लोबल इंडेक्सेज (Global indexes) में नज़र आ सकते हैं, क्योंकि भारत सरकार फरवरी 2022 में पेश होने वाले आम बजट में कुछ टैक्स रियायतों का ऐलान कर सकती है. इस मसले से जुड़े लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर ये बात कही है. उनका कहना है कि अभी तक ये पूरा प्लान प्राइवेट है और सरकारी तंत्र के बाहर किसी को आधिकारिक रूप से इसके संबंध में बताया नहीं गया है.

    कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन यूरोक्लीयर सेटलमेंट (Euroclear Settlement) को टैक्स में छूट का प्रस्ताव रख सकती हैं. यदि लॉ-मेकर्स बजट को पास करते हैं तो भारतीय डेट् (Indian debt) इन्डेक्स में शामिल होने के योग्य (इलिजिबल) हो जाएंगे. 2022 में मार्च के अंत तक ऐसा हो जाएगा.
    भारतीय बॉन्ड्स का इन्डेक्स में शामिल होना इसलिए क्रूशल है क्योंकि यूरोक्लीयर (Euroclear) डेट् ट्रांजेक्शन्स (Debt transactions) पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं वसूलता. बता दें कि यूरोक्लीयर (Euroclear) एक अंतरराष्ट्रीय सिक्योरिटीज़ प्लेटफार्म है. जेपी मॉर्गन एंड कंपनी (JPMorgan Chase & Co.) जैसे इन्डेक्स प्रोवाइडर्स पर हमेशा से भारतीय बॉन्ड्स के सेटलमेंट की मांग मुख्यतौर पर रही है.

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    25 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आने की संभावना
    पिछले महीने अक्टूबर में, JPMorgan ने कहा था कि उभरती हुई बॉन्ड इंडेक्स मार्केट में भारतीय बॉन्ड्स के शामिल होने से 25 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आने की संभावना है. JPMorgan Chase & Co. के एक रणनीतिकार ऑर्थर लुक (Arthur Luk) ने अपने नोट में लिखा कि हालांकि वास्तविक इन्क्लूजन (Inclusion) घरेलू और इंटरनेशनल डेवलपमेंट्स पर निर्भर होगा. यदि देखा जाए तो भारत के बड़े बॉन्ड्स को इंडेक्स में शामिल करने के लिए 10 महीनों की प्रक्रिया होगी, जो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित हो सकती है. बिलकुल वैसे ही जैसे कि चीन के बॉन्ड्स 2020 में GBI-EM में शामिल किए गए थे. यूएस बैंक (U.S. bank) की इंडेक्स टीम ने कहा कि भारतीय सरकारी बॉन्ड्स को इंडेक्स वॉच में शामिल करने की प्रक्रिया ट्रैक पर हैं. लेकिन मुख्य मुद्दा टैक्स है, जोकि निवेशकों के लिए एक बड़ा रोड़ा है.

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    भारतीय अथॉरिटीज़ काफी लंबे समय से अपने नेशनल बॉन्डस को ग्लोबल इंडेक्सेज जैसे कि JPMorgan Chase & Co. और FTSE Russell में शामिल कराने के लिए प्रयास कर रही हैं. यदि ऐसा होता है तो भारत में अपने इन्फ्रास्ट्रकचर की जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी निवेश आने की बड़ी संभावना बनेगी.

    Tags: Debt investments, Government bond yields, Sovereign gold bond

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