भारतीय CFO ने 2019 में कारोबार वृद्धि में सहयोग के लिए खर्च बढ़ाने की योजना बनाई- अमेरिकन एक्सप्रेस ग्लोबल सर्वे

90 फीसदी भारतीय सीएफओ का मानना है कि नकदी में सुधार और कार्यशील पूंजी प्रबंधन पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक महत्वपूर्ण रहेगा.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 1:01 PM IST
भारतीय CFO ने 2019 में कारोबार वृद्धि में सहयोग के लिए खर्च बढ़ाने की योजना बनाई- अमेरिकन एक्सप्रेस ग्लोबल सर्वे
90 फीसदी भारतीय सीएफओ का मानना है कि नकदी में सुधार और कार्यशील पूंजी प्रबंधन पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक महत्वपूर्ण रहेगा.
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Updated: July 17, 2019, 1:01 PM IST
अमेरिकन एक्सप्रेस और इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर थॉट लीडरशिप स्टूडियो द्वारा जारी एक सर्वेक्षण 2019 ग्लोबल बिजनेस एंड स्पेंडिग आउटलुक के मुताबिक, वरिष्ठ वित्त कार्यकारी अर्थव्यवस्था को लेकर और भविष्य के लिए अपनी कंपनियों और उनके निवेश के परिदृश्य को लेकर आशावादी बने हुए हैं.

यह आशावादी रूख उनके खर्च के परिदृश्य में देखा जा सकता है-

>> 83 फीसदी सीएफओ इस साल अपने कारोबार में वृद्धि में सहयोग के लिए खर्च और निवेश में मध्य स्तर से लेकर आक्रामक वृद्धि की संभावना तलाश रहे हैं. 33 फीसदी सीएफओ को उम्मी है कि उनकी कंपनी का दुनियाभर में खर्च एवं निवेश इस साल 10 फीसदी या इससे अधिक रह सकता है.

>> 90 फीसदी भारतीय सीएफओ का मानना है कि नकदी में सुधार और कार्यशील पूंजी प्रबंधन पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक महत्वपूर्ण रहेगा. 67 फीसदी भारतीय सीएफओ को उल्लेखनीय वित्तीय लाभ के लिए क्रेडिट के उपयोग में सुधार की उम्मी है.

>> 57 फीसदी भारतीय सीएफओ द्वारा इस साल प्रशासनिक प्रक्रिया कार्यक्षमता में सुधार के लिए अपना निवेश बढ़ाए जाने की संभावना है. पिछले साल निवेश प्राथमिकता के मुकाबले इस साल 40 फीसदी मतों से यह सिद्ध होता है कि शुद्ध लाब को कुशलतापूर्वक संभालने के लिए यह खर्च महत्वपूर्ण है.

>> 96 फीसदी सीएफओ की योजना वित्तीय रिपोर्टिंग और अनुपालन सेवाओं पर इस साल अधिक खर्च करने या पिछले साल के समान खर्च करने की है.
> यात्रा और मनोरंजन पर कंपनियां निरंतर एक बड़ा हिस्सा खर्च कर रही है जिसमें 77 फीसदी भारतीय वित्त कार्यकारी इस साल यात्रा एवं मनोरंजन पर खर्च बढ़ाने या पिछले साल के समान स्तर पर रखने की योजना बना रहे हैं.

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पांच साल पहले की तुलना में 57 फीसदी भारतीय सीएफओ यात्रा एवं मनोरंजन खर्च पर प्राप्त सूचना को अधिक सूचनाप्रद और पारदर्शी पाते हैं.

अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया के सीईओ मनोज अदलखा ने कहा, भारतीय कंपनियां भविष्य को ध्यान में रखकर इस साल अपने खर्च और निवेश को कुशलतापूर्वक संभालने की तैयारी में हैं. जहां वे लाभ के साथ कारोबार बढ़ाने के लिए अपने खर्च संतुलित रखती हैं, वहीं अगले 5-10 वर्षों में प्रासंगिक एवं प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए वे भौगोलिक एवं आर्थिक बदलावों का लाभ लेने की योजनाओं के साथ आगे बढ़ने को आतुर है.

भारतीय कंपनियां निरंतर बढ़ रही है. भारत में किए सर्वेक्षण में 87 फीसदी कंपनियों ने पिछले 12 महीनों में अधिक या काफी अधिक कारोबार दर्ज किया, जबकि पिछले साल ऐसी कंपनियां 43 फीसदी थीं. यह संख्या दुनियाभर में 65 फीसदी और एशिया में औसतन 63 फीसदी के मुकाबले कहीं अधिक है.

भविष्य को ध्यान में रखकर अपना कारोबार बढ़ाने वाले भारतीय सीएफओ की शीर्ष प्राथमिकताएं-

>> भारत और दुनियाभर में सीएफओ ग्राहकों की जरूरतें बेहतर ढंग से पूरी करने के कारोबारी लक्ष्य को निरंतर प्राथमिकता दे रहे हैं जिसमें 57 फीसदी भारतीय सीएफओ इसे अपनी शीर्ष कारोबारी प्राथमिकता बताते हैं.

>> भारतीय सीएफओ के लिए मालिकों और शेयरधारकों के वित्तीय रिटर्न में सुधार लाना समान रूप से महत्वपूर्ण है. 57 फीसदी सीएफओ पिछले साल के 27 फीसदी से कहीं अधिक वृद्धि के साथ इसे अपना सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी लक्ष्य मानते हैं.

>> अन्य कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धी बने रहना और कारोबारी बदलाव एवं नवप्रवर्तन को आगो बढ़ाना 40 फीसदी सीएफओ के लिए और नए बाजारों में कदम रखना 27 फीसदी सीएफओ के लिए महत्वपूर्ण कारोबारी लक्ष्य है.

बाहरी वातावरण पर परिदृश्य सकारात्मक बना है-

>> राष्टर की अर्थव्यवस्था में भरोसे के मामले में 80 फीसदी भारतीय सीएफओ आने वाले वर्ष में उल्लेखनीय या मामूली आर्थिक विस्तार की उम्मीद करते हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर ऐसी उम्मीद करने वाले 71 फीसदी सीएफओ हैं.

>> आर्थिक विस्तार की उम्मीद एशिया ऑस्ट्रेलिया क्षेत्र में सबसे अधिक- पिछले साल के 94 फीसदी के मुकाबले 79 फीसदी और लातिन अमेरिका में सबसे कम- पिछले साल क52 फीसदी के मुकाबले 43 फीसदी है.

>> भारतीय सीएफओ वैश्विक व्यापार नीति के प्रति निरंतर सकारात्मक परिदृश्य रखे हुए हैं जिसमें 63 फीसदी भारतीय सीएफओ को उम्मीद है कि वैश्विक व्यापार नीति से उनकी कंपनी की वृद्धइ की संभावनाएं मजबूत होंगी.

अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया के सीईओ मनोज अदलखा ने कहा, मुझे लगता है कि आज के समय में सीएफओ दीर्घकालीन रणनीतिक नियोजन और कंपनी के स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वास्तव में इस सर्वेक्षण में सामने आया एक निष्कर्ष यह है कि 73 फीसदी भारतीय सीएफओ निदेशक मंडल के साथ गहरा तालमेल बनाए रखते हैं. यह सीएफओ की बढ़ती महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक भूमिका को साबित करता है क्योंकि वे आर्थिक उत्प्रेरकों और प्रभावों के साथ संगठनात्मक खर्चों पर नजर रखते हैं.

पद्धति
2019 ग्लोबल बिजनेस एंड स्पेंडिंग आउटलुक को इंस्टीट्यूशनल इनवेस्ट थॉट लीडरशिप स्टूडियो द्वार संपन्न कराया गया और यह दुनियार की ऐसी कंपनियों से 901 वरिष्ठ वित्त कार्यकारियों के एक सर्वेक्षण पर आधारित है जिनका सालाना कारोबार 50 करोड़ डॉलर या इससे अधिक है. कुल मिलाकर, एशिया से 180 सीएफओ और अन्य वरिष्ठ वित्तीय कार्यकारियों और भारत में कंपनियों से 30 कार्यकारियों ने इस अध्ययन में हिस्सा लिया. सर्वेक्षण में सभी जवाब नवंबर के उत्तरार्ध और दिसंबर 2018 में एकत्रित किए गए. आईआईटीएलएस इस सर्वेक्षण के लिए 95 फीसदी विश्वास के स्तर पर करीबर +/-3.2% त्रुटि का मार्जिन लेकर चलती है.
First published: July 17, 2019, 1:01 PM IST
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