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अब भारत की ये कंपनी बनाएगी कोरोना के इलाज में कारगर दवा रेमडेसिवीर! किया करार

अब भारत की ये कंपनी बनाएगी कोरोना के इलाज में कारगर दवा रेमडेसिवीर! किया करार

कोरोना वायरस के इलाज में कारगर मानी जा रही दवा रेमडेसिवीर बनाने वाली अमेरिकी कंपनी गिलीड साइंसेज ने भारत में उत्‍पादन के लिए हैदराबाद की कंपनी से करार किया है.

कोरोना वायरस के इलाज में कारगर मानी जा रही दवा रेमडेसिवीर बनाने वाली अमेरिकी कंपनी गिलीड साइंसेज ने भारत में उत्‍पादन के लिए हैदराबाद की कंपनी से करार किया है.

अमेरिकी कंपनी गिलीड साइंसेस (Gilead Sciences) दवा उत्‍पादन के लिए डॉ. रेड्डीज लैब को टेक्‍नोलॉजी भी ट्रांसफर (Technology Transfer) करेगी. डॉ. रेड्डीज को उत्‍पादन बढ़ाने और संबंधित देशों में इस दवा की मार्केटिंग के लिए कई मंजूरियों (Regulatory Approvals) की जरूरत होगी.

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    नई दिल्‍ली. दुनियाभर में कोविड-19 (Covid-19) के इलाज में रेमडेसिवीर (Remdesivir) को सबसे कारगर दवा माना जा रहा है. इस दवा का उत्‍पादन अमेरिकी फार्मास्‍युटिकल्‍स कंपनी गिलीड साइंसेस (Gilead Sciences) करती है. कंपनी भारत समेत दुनिया के 127 देशों में इस दवा की आपूर्ति भी करती है. अब इस दवा का उत्‍पादन एक भारतीय कंपनी भी करेगी. इसके लिए गिलीड साइंसेस ने भारत में हैदराबाद की दवा निर्माता कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरी (Dr. Reddy's Laboratory) के साथ करार किया है.

    उत्‍पादन के लिए टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर भी करेगी गिलीड साइंसेस
    अमेरिकी और भारतीय कंपनियों के बीच हुए नॉन-एग्‍जीक्‍यूटिव एग्रीमेंट (Non-Executive Agreement) के मुताबिक, गिलीड साइंसेस ने डॉ. रेड्डीज को रेमडेसिवीर को रजिस्‍टर कराने और उत्‍पादन का अधिकार दे दिया है. भारतीय दवा निर्माता ने बताया कि गिलीड साइंसेस दवा उत्‍पादन के लिए डॉ. रेड्डीज को टेक्‍नोलॉजी भी ट्रांसफर (Technology Transfer) करेगी. डॉ. रेड्डीज को उत्‍पादन बढ़ाने और संबंधित देशों में इस दवा की मार्केटिंग के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approvals) की जरूरत होगी.

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    भारतीय बाजार में इस महीने उपलब्‍ध नहीं हो पाएगी ये दवा
    कोविड-19 के इलाज में अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन (USFDA) से रेम‍डेसिवीर के इस्‍तेमाल की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है. फिलहाल रेमडेसिवीर ही सबसे कारगर कोरोना मेडिसिन मानी जा रही है. इबोला (Ebola) के इलाज में काम आने वाली रेमडेसिवीर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी मुहर लगा चुका है. डब्ल्यूएचओ के सॉलिडैरिटी ट्रायल में रेमडेसिवीर शामिल है. हालांकि, भारत में रेमडेसिवीर के उत्पादन के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के बाद भी ये एंटीवायरल दवा (Antiviral Drug) इस महीने भारतीय बाजार में उपलब्ध नहीं हो पाएगी.

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    दवा की टेस्‍ट रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिलेगी मंजूरी
    स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के सूत्रों के मुताबिक, हेटेरो लैब्स लिमिटेड (Hetero Labs Limited) अपने टेस्ट रिपोर्ट्स के नतीजों और स्टेबिलिटी डेटा को जून के आखिरी हफ्ते में सौंपेगी. हेटेरो लैब्स उन चार कंपनियों में से एक है, जिन्होंने रेमडेसिवीर का जेनेरिक वर्जन बनाने और इसकी भारत में सप्लाई करने के लिए एक लाइसेंस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. टेस्ट रिपोर्ट्स के नतीजों और स्टेबिलिटी डेटा के आधार पर भारतीय निर्माताओं को इसके नियंत्रित आपातकालीन इस्‍तेमाल की मंजूरी दी जाएगी, जिस तरह से यह गिलीड साइंसेज को अमेरिका में दी गई थी.

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    Tags: Corona Treatment, Coronavirus, Coronavirus in India, Drug Controller General, Generic medicines, Gilead Sciences Inc experimental, Health ministry, Remdesivir

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